MSP Hikes: दशहरे से ठीक एक दिन पहले, नवरात्रि के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की मीटिंग में दो ऐतिहासिक फैसले लिए गए। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि “राष्ट्रीय दलहन मिशन” को मंजूरी देने के साथ ही रबी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की गई है। शिवराज सिंह ने कृषि मंत्रालय के प्रस्तावों को मंजूरी देने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के किसानों की ओर से आभार व्यक्त किया है।
गेहूं, चना, जौ समेत 6 फसलों की एमएसपी में हुई बढ़ोतरी
शिवराज सिंह ने बताया कि आज रबी की 6 फसलों की नई MSP घोषित की गई है। उन्होंने कहा, ''मुझे कृषि मंत्री के रूप में बताते हुए खुशी है कि फसलों की एमएसपी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है। गेहूं अब 2585 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा, जो पहले 2425 रुपये था। इसमें 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। अब जौ 2150 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदा जाएगा, जो पहले 1980 रुपये था। चना 5875 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा, जो पिछले साल 5650 रुपये के भाव पर खरीदा गया था।''
मसूर, सरसों की एमएसपी में भी बढ़ोतरी
कृषि मंत्री ने आगे कहा, ''मसूर की एमएसपी 6,700 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है। सरसों और रेपसीड की एमएसपी 5950 से बढ़ाकर 6200 रुपये एमएसपी कर दी गई है। इसके अलावा, कुसुम्भ की एमएसपी 5940 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 6540 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है। इसमें 600 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है।''
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फसल
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एमएसपी 2026-27 प्रति क्विंटल
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उत्पादन लागत 2026-27
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लागत पर लाभ (प्रतिशत में)
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एमएसपी 2025-26 प्रति क्विंटल
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एमएसपी में बढ़ोतरी
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गेहूं
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2585
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1239
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109
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2425
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160
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जौ
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2150
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1361
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58
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1980
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170
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चना
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5875
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3699
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59
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5650
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225
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लेंटिल (मसूर)
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7000
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3705
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89
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6700
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300
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रेपसीड और सरसों
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6200
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3210
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93
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5950
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250
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कुसुम्भ
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6540
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4360
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50
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5940
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600
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राष्ट्रीय दलहन मिशन को मिली कैबिनेट की मंजूरी
शिवराज सिंह ने बताया कि देश में दालों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, पोषण और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से “राष्ट्रीय दलहन मिशन” मंजूर किया गया है। मिशन का लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक दलहन उत्पादन को 242 लाख टन से बढ़ाकर 350 लाख टन करने का है। मिशन के तहत 416 जिलों में विशेष उत्पादन और वृद्धि कार्यक्रम लागू होंगे। इसमें चावल के परती क्षेत्र, सर्वश्रेष्ठ प्रजनक/आधार/प्रमाणित बीज, इंटरक्रॉपिंग, सिंचाई, मार्केट लिंकेज, और तकनीकी सहायता को नीति में शामिल किया गया है। दलहनी फसल में तूर, उड़द और मसूर की खरीद 100 प्रतिशत एमएसपी पर होगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का पूरा लाभ मिलेगा। इस मिशन के लिए 2025-26 में 11,440 करोड़ रुपये का बजट है।
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