रेल यात्रियों को अब रेलवे स्टेशन पर ही मॉल जैसी सुविधाएं मिलेंगी। भारतीय रेल के पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) जोन ने 23 अक्टूबर को असम के गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर 'द टर्मिनल' का उद्घाटन किया। रेलवे ने द टर्मिनल के माध्यम से यात्री सुविधाओं में एक नया आयाम जोड़ा है। इस जगह को खासतौर पर खान-पान, खरीदारी और मनोरंजन के लिए तैयार किया गया है। पानबाजार के स्टेशन रोड स्थित पुराने यात्री आरक्षण प्रणाली (PRS) बिल्डिंग वाले क्षेत्र पर स्थित द टर्मिनल यात्रियों, उनके परिवारों और अन्य विजिटर्स को खान-पान और आराम के लिए एक सुविधाजनक स्थान प्रदान करता है।
रेलवे ने 2.27 करोड़ रुपये में 5 साल के लिए दिया कॉन्ट्रैक्ट
लामडिंग मंडल द्वारा न्यू इनोवेटिव नॉन-फेयर रेवेन्यू आइडियाज स्कीम (NINFRIS) के तहत डेवलप किए गए इस प्रोजेक्ट ने रेलवे की अनुपयोगी परिसंपत्ति को एक आकर्षक व्यावसायिक और मनोरंजन केंद्र में बदल दिया है। 27,381 वर्गफुट में फैले द टर्मिनल को 2.27 करोड़ रुपये के 5 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर फ्यूजन एज सॉल्यूशन को सौंपा गया है। इस पहल से न सिर्फ यात्री सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है, बल्कि रेलवे की परिसंपत्तियों का बेहतर इस्तेमाल और टिकट बिक्री के अलावा अन्य स्रोतों से राजस्व से भी प्राप्त होगा।
द टर्मिनल में एक ही जगह पर उपलब्ध हैं कई सुविधाएं
द टर्मिनल में कई चीजें एक ही जगह पर उपलब्ध हैं। खान-पान के लिए एक ऐसी जगह जहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के 'क्विक-सर्विस' रेस्टोरेंट ब्रांड मौजूद हैं, एक बाजार जहां स्थानीय हस्तशिल्प, यादगार वस्तुएं और अन्य खुदरा उत्पाद उपलब्ध हैं और बच्चों के खेलने के लिए एक इनडोर 'सॉफ्ट प्ले एरिया' भी है। यहां खाने-पीने के कई विकल्प और खरीदारी एवं मनोरंजन के अवसर मौजूद हैं, जिससे यात्रियों और उनके साथ आए परिवारों के लिए इंतजार का समय ज्यादा आरामदायक होगा। ये बाजार स्थानीय कारीगरों को भी अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचने का एक प्लेटफॉर्म प्रदान करता है।
सुरक्षा, स्वच्छता, अग्निशमन और अन्य सभी इंतजाम
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने बताया कि ट टर्मिनल पर बैठने की खास व्यवस्था, आकर्षक लाइटिंग, सुंदर लैंडस्केपिंग और बेहतरीन इंटीरियर डिजाइन है। इसके साथ ही, यहां रेलवे के स्टैंडर्ड्स के अनुसार सुरक्षा, स्वच्छता, अग्निशमन और अन्य सुरक्षा इंतजाम भी किए गए हैं। ये पहल यात्रियों की सुविधा बढ़ाने, क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देने और रेलवे की संपत्तियों के नवाचारी इस्तेमाल के जरिए नॉन फेयर रेवेन्यू जुटाने के प्रति एनएफआर की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है।
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