1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. डोनाल्ड ट्रम्प के Dead Economy वाले तंज पर RBI गवर्नर का पलटवार, दिया ये करारा जवाब

डोनाल्ड ट्रम्प के Dead Economy वाले तंज पर RBI गवर्नर का पलटवार, दिया ये करारा जवाब

आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि हम वैश्विक विकास में लगभग 18% का योगदान दे रहे हैं, जो अमेरिका (लगभग 11%) से कहीं अधिक है। भारत बहुत अच्छा कर रहा है और आगे और भी बेहतर करेगा।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा और अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प।- India TV Hindi
Image Source : PTI/ANI आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा और अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को डोनाल्ड ट्रम्प के भारत को लेकर डेड इकोनॉमी वाले बयान पर पलटवार किया। मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है और यह वैश्विक विकास में अमेरिका की तुलना में अधिक योगदान दे रही है। पीटीआई की खबर के मुताबिक,  उनका यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को मृत अर्थव्यवस्था कहे जाने के कुछ दिन बाद आया है।

वैश्विक विकास में भारत का योगदान लगभग 18%, अमेरिका का है कम

खबर के मुताबिक, संजय मल्होत्रा ने बताया कि जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था के 2025 में 3% की दर से बढ़ने का अनुमान है, वहीं भारत की वृद्धि दर 6.5% रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि हम वैश्विक विकास में लगभग 18% का योगदान दे रहे हैं, जो अमेरिका (लगभग 11%) से कहीं अधिक है। भारत बहुत अच्छा कर रहा है और आगे और भी बेहतर करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की आकांक्षी विकास दर 6.5% से अधिक होनी चाहिए और देश ने पिछले वर्षों में औसतन 7.8% की दर से वृद्धि की है।

ट्रम्प के बयान पर प्रतिक्रिया

ट्रम्प ने हाल ही में व्यापार नीति को लेकर भारत पर निशाना साधते हुए उसे "डेड इकोनॉमी" कहा था। उन्होंने रूस से सस्ते तेल की खरीद पर भारत की आलोचना करते हुए कहा था कि मुझे फर्क नहीं पड़ता कि भारत रूस के साथ क्या करता है। वे दोनों अपनी मृत अर्थव्यवस्थाओं को साथ लेकर डूब सकते हैं। यह बयान भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव का संकेत माना जा रहा है, खासकर रूस से तेल खरीद को लेकर संभावित अमेरिकी प्रतिबंधों या टैरिफ को लेकर चिंता जताई जा रही है।

महंगाई पर कोई प्रभाव नहीं

आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी टैरिफ या भू-राजनीतिक तनावों का घरेलू मुद्रास्फीति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने भी कहा कि इन घटनाक्रमों का प्रथम स्तर का कोई असर मुद्रास्फीति पर नहीं दिखेगा। अगर अमेरिका के दबाव में भारत को रूसी तेल से दूरी बनानी भी पड़ी, तब भी घरेलू महंगाई प्रभावित नहीं होगी। मल्होत्रा ने संकेत दिया कि अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो सरकार आम जनता पर बोझ न आने देने के लिए शुल्क में कटौती जैसे कदम उठा सकती है।

Latest Business News