RBI ने कई नियमों के उल्लंघन के मामले में आठ सहकारी बैंकों पर जुर्माना लगाया है। गुजरात के मेहसाणा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर 40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। रिजर्व बैंक के अनुसार, मेहसाणा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर भारतीय रिज़र्व बैंक (सहकारी बैंक-जमा पर ब्याज दर) निर्देश, 2016 के कुछ प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया गया है। केंद्रीय बैंक ने सोमवार को बयान में कहा कि ऋण मानदंडों से संबंधित कुछ प्रावधानों के उल्लंघन के लिए महाराष्ट्र के इंदापुर शहरी सहकारी बैंक, इंदापुर पर सात लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
सभी बैंकों पर लगाया जुर्माना
वहीं, महाराष्ट्र के वरुद अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, वरुद, मध्य प्रदेश के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, छिंदवाड़ा और महाराष्ट्र के यवतमाल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, यवतमाल पर अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) मानदंडों में उल्लघंन को लेकर जुर्माना लगाया है। इसके अलावा कुछ केवाईसी प्रावधानों का पालन न करने पर छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित, रायपुर पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा गुना के एक सहकारी बैंक तथा पणजी के गोवा राज्य सहकारी बैंक पर भी जुर्माना लगाया गया है।
इससे पहले चार बैंकों पर लगाया था प्रतिबंध
हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चार सहकारी बैंकों पर प्रतिबंध लगा दिया था। आरबीआई के अनुसार, साईबाबा जनता सहकारी बैंक, द सूरी फ्रेंड्स यूनियन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सूरी (पश्चिम बंगाल) और बहराइच के नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश के मुताबिक, साईबाबा जनता सहकारी बैंक के जमाकर्ता 20,000 रुपये से अधिक नहीं निकाल सकते है। जबकि सूरी फ्रेंड्स यूनियन को-ऑपरेटिव बैंक के लिए यह सीमा 50,000 रुपये है। इसी तरह, नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के मामले में निकासी की सीमा प्रति ग्राहक 10,000 रुपये कर दी गई है। आरबीआई ने बिजनौर स्थित यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर भी कई प्रतिबंध समेत ग्राहकों द्वारा धन निकासी पर रोक लगा दी है। केंद्रीय बैंक द्वारा चार सहकारी बैंकों को यह निर्देश बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत जारी किये गए है, जो छह महीने तक लागू रहेंगे।
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