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रूस देगा 10 लाख भारतीयों को रोजगार, जानें आवेदन के लिए क्या होगी योग्यता?

गौरतलब है कि 2024 से ही भारत से रूसी क्षेत्रों में श्रमिकों की आमद शुरू हो चुकी है। सबसे पहले भारतीय श्रमिकों को कैलिनिनग्राद स्थित मछली प्रसंस्करण इकाई ‘जा रोदिनू’ ने आमंत्रित किया था।

Job in Russia - India TV Hindi
Image Source : FILE रूस में नौकरी

विदेशों में नौकरी ढूंढ रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। भारत का दोस्त रूस 10 लाख भारतीयों को इस साल अपने देश में नौकरी देगा। रूस के एक दिग्गज कारोबारी ने बताय कि रूस अपने औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की कमी को दूर करने के लिए इस साल के अंततक भारत से करीब 10 लाख स्किल्ड वर्कफोर्स (प्रशिक्षित कर्मी) को अपने यहां काम करने का मौका देगा। रूसी उद्योग मंडल ‘यूराल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ के प्रमुख आंद्रेई बेसेदिन ने समाचार एजेंसी रॉसबिजनेसकंसल्टिंग (आरबीसी) के साथ बातचीत में भारत से कुशल कामगारों को मंगाने की योजना की जानकारी दी। बेसेदिन ने कहा कि जहां तक मुझे पता है, साल के अंततक भारत से 10 लाख विशेषज्ञ कामगार रूस आएंगे। इनमें रूस का स्वेर्दलोव्स्क क्षेत्र भी शामिल है। इससे संबंधित मामलों को देखने के लिए येकातेरिनबर्ग में एक नया महावाणिज्य दूतावास खुल रहा है।

स्किल्ड वर्कफोर्स की कमी दूर होगी 

रूस के स्वेर्दलोव्स्क क्षेत्र में कुशल श्रमिकों की भारी कमी को देखते हुए अब भारत से पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इस क्षेत्र में भारी उद्योग और सैन्य-औद्योगिक परिसरों की बहुलता है, जिनमें विश्व प्रसिद्ध यूरालमाश और टी-90 टैंकों की निर्माता कंपनी यूराल वैगन जावोद जैसे प्रतिष्ठान शामिल हैं। स्वेर्दलोव्स्क के एक वरिष्ठ अधिकारी बेसेदिन ने बताया कि भारतीय श्रमिकों के आने से औद्योगिक इकाइयों को अपना उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि कुशल वर्कफोर्स की कमी का एक बड़ा कारण यह है कि कुछ श्रमिक यूक्रेन में जारी सैन्य अभियान में तैनात हैं, वहीं रूसी युवाओं की औद्योगिक कार्यों में रुचि भी कम हो रही है।

बेसेदिन ने कहा कि रूस इस समस्या के समाधान के लिए भारत के साथ-साथ श्रीलंका और उत्तर कोरिया जैसे देशों से भी श्रमिक बुलाने पर विचार कर रहा है। हालांकि उन्होंने माना कि यह एक जटिल प्रक्रिया है। गौरतलब है कि 2024 से ही भारत से रूसी क्षेत्रों में श्रमिकों की आमद शुरू हो चुकी है। सबसे पहले भारतीय श्रमिकों को कैलिनिनग्राद स्थित मछली प्रसंस्करण इकाई ‘जा रोदिनू’ ने आमंत्रित किया था।

31 लाख वर्कफोर्स में कमी का अनुमान 

आरबीसी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी श्रम मंत्रालय ने वर्ष 2030 तक कार्यबल में 31 लाख लोगों की कमी का अनुमान लगाया है। इसने 2025 में योग्य विदेशी श्रमिकों के आमंत्रण का कोटा 1.5 गुना बढ़ाकर 2.3 लाख लोगों तक करने का प्रस्ताव रखा है। रूसी श्रम मंत्रालय का अनुमान है कि रूसी औद्योगिक उद्यमों ने 2024 में गैर-राष्ट्रकुल देशों से 47,000 योग्य प्रवासियों को आकर्षित किया। आर्थिक विकास मंत्रालय ने भी अन्य देशों से श्रमिकों को आकर्षित करने का दायरा बढ़ाने की बात कही है। हालांकि, पिछले साल 22 मार्च को मॉस्को के क्रोकस सिटी हॉल में हुए आतंकवादी हमले के बाद रूसी अधिकारियों ने पूर्व सोवियत गणराज्यों से प्रवासियों के आगमन को रोकने के लिए प्रवासन कानून को कड़ा कर दिया। 

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