भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक- भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने बॉन्ड जारी करके वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 7,500 करोड़ रुपये जुटाए हैं। बैंक ने बेसल-3 के अनुरूप टियर-2 बॉन्ड (निश्चित अवधि के लिए जुटाई जाने वाली राशि) जारी कर 6.93 प्रतिशत के कूपन रेट पर ये राशि जुटाई है। एसबीआई ने शेयर बाजार एक्सचेंजों को दी सूचना में बताया कि बॉन्ड 10 साल की अवधि के लिए हैं, जिसमें 5 वर्ष के बाद इसे बेचने का या फिर जारी रखने का विकल्प दिया जाएगा। उसके बाद हर एक साल पर उसी तारीख पर ये विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा।
एसबीआई के बॉन्ड को मिली 3 गुना ज्यादा बोलियां
भारतीय स्टेट बैंक ने एक बयान में कहा, ‘‘ देश का सबसे बड़ा ऋणदाता एसबीआई चालू वित्त वर्ष के लिए बेसल-3 अनुपालक टियर-2 बॉन्ड जारी करने के माध्यम से 6.93 प्रतिशत की कूपन दर पर 7,500 करोड़ रुपये जुटाने वाला पहला सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक बन गया है।’’ एसबीआई के इस इश्यू को इंवेस्टर्स से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और इसके लिए 5,000 करोड़ रुपये के बेस इश्यू साइज से लगभग तीन गुना ज्यादा बोलियां प्राप्त हुईं। एसबीआई के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने कहा कि बॉन्ड में इंवेस्टर्स की जबरदस्त हिस्सेदारी और बोलियों की विविधता से ये पता चलता है कि निवेशकों का देश के सबसे बड़े बैंक में कितना भरोसा है।
एसबीआई ने इस साल की शुरुआत में QIP के जरिए जुटाए थे 25,000 करोड़ रुपये
भारतीय स्टेट बैंक की प्रेस रिलीज के अनुसार बॉन्ड पर निवेशकों की प्रतिक्रिया के आधार पर बैंक ने 6.93 प्रतिशत के कूपन रेट पर 7,500 करोड़ रुपये स्वीकार करने का फैसला लिया है। बताते चलें कि भारतीय स्टेट बैंक ने इस साल की शुरुआत में पात्र संस्थागत नियोजन (QIP) के माध्यम से 25,000 करोड़ रुपये की इक्विटी जुटाई थी। बताते चलें कि शुक्रवार को एसबीआई के शेयर बीएसई पर 0.28 प्रतिशत (2.45 रुपये) की बढ़त के साथ 889.35 रुपये के भाव पर बंद हुए थे। शुक्रवार को कारोबार के दौरान, बैंक के शेयर 894.60 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंचे थे, जो इसका नया 52 वीक हाई भी बन गया।
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