दिग्गज ब्रिटिश एनर्जी कंपनी शेल पीएलसी (Shell PLC) ने पश्चिम एशिया संघर्ष की वजह से बाधित हुई सप्लाई के बीच भारत को प्राकृतिक गैस की सप्लाई तेज कर दी है। कंपनी ने अपने ग्लोबल पोर्टफोलियो का फायदा उठाते हुए खाद क्षेत्र के प्रमुख ठेकों समेत हाजिर और वायदा मांग में बड़ी हिस्सेदारी हासिल की है। उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पिछले महीने भारतीय खाद कंपनियों द्वारा की गई थोक एलएनजी खरीद में शेल एक लीडिंग सप्लायर के रूप में उभरा है। खाड़ी देशों से बाधित सप्लाई के बीच सरकार ने यूरिया उत्पादन के लिए कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ये टेंडर जारी किए थे।
मार्च में भारत में इंपोर्टेड गैस का सबसे बड़ा सप्लायर बना शेल
टेंडर के तहत शेल ने कुल 6 TBTU (ट्रिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट) में से 4 TBTU की सप्लाई हासिल की है। सूत्रों ने बताया कि भारत के सबसे बड़े एलएनजी सप्लायर कतर से सप्लाई बाधित होने के बाद, शेल पीएलसी की भारतीय यूनिट ने कदम बढ़ाया और मार्च में अभी तक का सबसे बड़ा मंथली एलएनजी इंपोर्ट किया। खाद के अलावा, शेल इंडिया ने अन्य इंडस्ट्रियल यूजर्स और रिटेलर्स को भी गैस की सप्लाई की। मार्च में कंपनी भारत में इंपोर्टेड गैस की सबसे बड़ी सप्लायर बन गई।
प्राकृतिक गैस की लगभग आधी जरूरतों को इंपोर्ट के जरिए पूरा करता है भारत
शेल की ये क्षमता गुजरात के हजीरा में स्थित उसके सालाना 50 लाख टन की क्षमता वाले एलएनजी इंपोर्ट टर्मिनल और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित है। कंपनी के पास 65 से ज्यादा चार्टर्ड जहाजों का फ्लीट भी है, जिसने उस समय गैस डिस्ट्रिब्यूशन में मदद की, जब भारत के मुख्य सप्लायर ने अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण सप्लाई रोकने की घोषणा कर दी थी। गौरतलब है कि भारत अपनी प्राकृतिक गैस की लगभग आधी जरूरतों को इंपोर्ट के जरिए पूरा करता है। प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल खाद उत्पादन, बिजली उत्पादन, परिवहन के लिए सीएनजी और घरों में पाइप से रसोई गैस (पीएनजी) पहुंचाने के लिए किया जाता है।
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