दिल्ली के सर्राफा बाजार में मंगलवार को चांदी की कीमत 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे आ गई। 10 महीने से ज्यादा समय में ये पहली बार है जब चांदी की कीमत इस स्तर पर आई है। चांदी के अलावा, आज सोने की कीमत भी 500 रुपये की गिरावट के साथ बंद हुई। वैश्विक सर्राफा बाजारों में कमजोर रुख और डॉलर में मजबूती के कारण सोना और चांदी के भाव में नरमी आई।
16 दिसंबर, 2025 को 1,98,500 रुपये प्रति किलोग्राम था चांदी का भाव
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, मंगलवार को चांदी की कीमत 4000 रुपये टूटकर 1.98 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। ये 10 महीने का सबसे निचला स्तर है। सोमवार को चांदी का भाव 2.02 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। इससे पहले, 16 दिसंबर को चांदी का भाव 1,98,500 रुपये प्रति किलोग्राम था।
1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ सोने का भाव
इसी तरह, आज 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत भी 500 रुपये गिरकर 1,45,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई। सोमवार को सोने का भाव 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लगातार गिरावट की वजह से घरेलू बाजारों में बना दबाव
एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतिन त्रिवेदी ने कहा, "डॉलर में मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट के कारण घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव बना रहा।"
1.40 लाख से 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रह सकती हैं सोने की कीमतें
जतिन त्रिवेदी ने कहा कि निकट अवधि में घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बने रहने का अनुमान है और इसका दायरा 1.40 लाख से 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह सकता है। बताते चलें कि आज वैश्विक बाजारों में हाजिर सोने की कीमत मामूली गिरावट के साथ 4011.44 डॉलर प्रति औंस रह गई। जबकि, चांदी 1 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 53.41 डॉलर प्रति औंस रही।
सोने के मुकाबले चांदी का प्रदर्शन काफी खराब
ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म लेमन के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि चांदी का प्रदर्शन सोने के मुकाबले कमजोर बना हुआ है। 54 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे इसमें बिकवाली का दबाव ज्यादा है। चांदी की कीमत करीब 11 महीने के निचले स्तर पर है और औद्योगिक मांग को लेकर चिंताएं भी बनी हुई हैं।
फेडरल रिजर्व की टिप्पणियों पर निवेशकों की नजर
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, "निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 28 अक्टूबर को होने वाली मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग से पहले सतर्क बने हुए हैं। फेडरल फंड्स रेट पर फैसला और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की आगे की नीतिगत दिशा को लेकर टिप्पणियां बाजार की अगली दिशा तय करने के लिहाज से अहम होंगी।"
ये भी पढ़ें
टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे में रहने वाले लोग खरीद सकेंगे रियायती सालाना लोकल पास, जानें कितनी होगी कीमत
Latest Business News