प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि टेक्सटाइल सेक्टर साल 2030 की समयसीमा से पहले नौ लाख करोड़ रुपये के वार्षिक निर्यात लक्ष्य को हासिल कर लेगा। यह बात इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि आम बजट 2025-26 में कपास की, खासकर अतिरिक्त लंबे रेशे वाली किस्मों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए पांच वर्षीय कपास मिशन की घोषणा की गई है। राष्ट्रीय कपास टेक्नोलॉजी मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। मोदी ने ‘भारत टेक्स 2025’ में कहा, “हम वर्तमान में दुनिया में वस्त्र और परिधान के छठे सबसे बड़े निर्यातक हैं। कपड़ा निर्यात लगभग तीन लाख करोड़ रुपये का है। हमारा लक्ष्य इस आंकड़े को तीन गुना करते हुए नौ लाख करोड़ रुपये का निर्यात हासिल करना है।”
विदेशी निवेश हुआ दोगुना
उन्होंने कहा, “इस सफलता का श्रेय पिछले दशक में की गई कड़ी मेहनत और लगातार लागू की गई नीतियों को जाता है, जिनके कारण टेक्सटाइल सेक्टर में विदेशी निवेश दोगुना हो गया है।” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जिस तरह से काम हो रहा है, मुझे लगता है कि हम 2030 की समयसीमा से पहले ही यह लक्ष्य हासिल कर लेंगे।” यह सेक्टर प्रमुख रोजगार सृजनकर्ता है तथा मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में इसका योगदान 11 फीसदी है। केंद्रीय बजट में 2025-26 के लिए कपड़ा मंत्रालय के मद में 5,272 करोड़ रुपये (बजट अनुमान में) के परिव्यय का प्रावधान किया गया है। यह वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 4,417.03 करोड़ रुपये के बजट अनुमान से 19 प्रतिशत अधिक है।
17 फरवरी तक होगा ‘भारत टेक्स’ का आयोजन
नई दिल्ली में 14-17 फरवरी तक आयोजित होने वाला ‘भारत टेक्स’ कपड़ा उद्योग का सबसे बड़ा आयोजन है। इसमें दो स्थानों पर आयोजित एक विशाल प्रदर्शनी शामिल है, जिसमें सम्पूर्ण कपड़ा परिवेश का प्रदर्शन किया जाएगा। मोदी ने कहा कि ‘भारत टेक्स’ एक बड़ा वैश्विक आयोजन बन रहा है, जिसमें 120 से अधिक देश भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत उच्च गुणवत्ता वाले कार्बन फाइबर के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने बैंकिंग क्षेत्र से कपड़ा क्षेत्र को सहायता प्रदान करने का भी आग्रह किया क्योंकि एक इकाई को केवल 75 करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता होती है और 2,000 लोगों को रोजगार मिलता है।
5-F एप्रोच
उन्होंने कहा कि भारत के कपड़ा और परिधान निर्यात में पिछले वर्ष सात प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश कपड़ा क्षेत्र के लिए कुशल प्रतिभाओं का एक समूह तैयार करने पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “हमारा ध्यान तकनीकी कपड़ा क्षेत्र पर है। भारत इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।” प्रधानमंत्री ने कपड़ा क्षेत्र के लिए अपने ‘5एफ दृष्टिकोण’ को रेखांकित किया, जिसमें ‘खेत (फार्म) से फाइबर; फाइबर से फैक्ट्री; फैक्ट्री से फैशन; फैशन से विदेशी (फॉरेन)’ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण किसानों, बुनकरों, डिजायनरों और व्यापारियों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है। मोदी ने कपड़ा उद्योग से नए उपकरण विकसित करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ सहयोग करने का भी आह्वान किया।
Latest Business News