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केंद्र ने सेवानिवृत्ति बकाये के भुगतान को लेकर जारी किए नए दिशानिर्देश, अब समय पर मिलेगा पेंशन का पैसा

इस बात पर खास जोर दिया गया है कि पीपीओ में ई-पीपीओ भी शामिल होना चाहिए, ताकि पेंशन प्रक्रिया में डिजिटलीकरण को और बढ़ावा मिल सके।

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Image Source : FREEPIK प्रक्रियाओं की निगरानी के लिए स्थापित किया जाएगा अंतर-मंत्रालयी निरीक्षण तंत्र

केंद्र सरकार के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने केंद्रीय सिविल सेवा कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति बकायों और पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) जारी करने के लिए मंगलवार को नए दिशानिर्देश जारी किए। सरकार द्वारा जारी किए गए इन नए दिशानिर्देशों का उद्देश्य मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है, ताकि सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद समय पर पेंशन का भुगतान किया जा सके। कार्मिक मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि सतर्कता मंजूरी की वजह से पेंशन में देरी नहीं होगी।

सर्विस रिकॉर्ड का होगा डिजिटलीकरण

प्रमुख नीतिगत उपायों में सुधारों के लिए सर्विस रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण, भविष्य का सार्वभौमिकरण, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग और संबंधित मंत्रालयों में एक अंतर-मंत्रालयी निगरानी समिति का गठन और सभी विभागों में पेंशनभोगियों की मदद के लिए पेंशन मित्र/कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति शामिल हैं।

पीपीओ में शामिल होना चाहिए ई-पीपीओ

इस बात पर खास जोर दिया गया है कि पीपीओ में ई-पीपीओ भी शामिल होना चाहिए, ताकि पेंशन प्रक्रिया में डिजिटलीकरण को और बढ़ावा मिल सके। प्रत्येक मंत्रालय/विभाग में व्यावसायिक प्रक्रिया पुनर्रचना की जरूरत पर भी जोर दिया गया है। सभी मंत्रालयों और विभागों के लिए ई-एचआरएमएस के सार्वभौमिकरण के माध्यम से सर्विस रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण गलतियों को कम करने और प्रोसेसिंग समयसीमा में पर्याप्त कमी लाने में मदद करेगी।

सतर्कता मंजूरी के अभाव में नहीं की जा सकती पेंशन में देरी

ये स्पष्ट किया गया है कि सीसीएस (पेंशन) नियम, 2021 के विशिष्ट प्रावधानों के अनुसार, सतर्कता मंजूरी के अभाव में किसी भी पेंशन में देरी नहीं की जा सकती। इस बात पर खास जोर दिया गया है कि प्रत्येक मंत्रालय/विभाग को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके रिटायर होने वाले कर्मचारियों के संबंध में सतर्कता मंजूरी रिटायरमेंट से 3 महीने पहले जारी कर दी जाए, क्योंकि मौजूदा मानदंडों के अनुसार सतर्कता मंजूरी की वैधता 3 महीने की होती है।

प्रक्रियाओं की निगरानी के लिए स्थापित किया जाएगा अंतर-मंत्रालयी निरीक्षण तंत्र

प्रक्रियाओं की निगरानी के लिए "भविष्य" के लिए एक मजबूत अंतर-मंत्रालयी निरीक्षण तंत्र (OSM) स्थापित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक हितधारक के लिए निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जा सके। इसमें उच्च-स्तरीय निरीक्षण समिति का गठन शामिल होगा, जिसमें महालेखा नियंत्रक, महानिदेशक (सीजीएचएस), महानिदेशक (एनआईसी), प्रधान सीसीए/सीसीए (गृह मंत्रालय), सीसीए/सीसीए (वित्त मंत्रालय) और सीपीएओ इसके सदस्य होंगे तथा सचिव (पेंशन) इसके अध्यक्ष होंगे।

रिटायरमेंट से 60 दिन पहले जारी होगा पीपीओ

इस सिस्टम के साथ संबंधित मंत्रालय/विभाग/बैंक में निरीक्षण के लिए नोडल अधिकारी और पेंशन संवितरण करने वाले बैंकों को नामित किया जाएगा। इन हस्तक्षेपों के साथ सरकार का उद्देश्य सभी केंद्रीय सिविल सेवा कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट से 60 दिन पहले पीपीओ/ई-पीपीओ जारी करना, सेवानिवृत्ति की तारीख के एक दिन बाद सेवानिवृत्ति बकाया का भुगतान करना और सेवानिवृत्ति के अगले महीने के आखिरी दिन पहली पेंशन का भुगतान सुनिश्चित करना है।

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