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रूस से कच्चा तेल खरीदने में अब ज्यादा फायदा नहीं, सरकारी तेल कंपनी BPCL घटाएगी खरीद

दिसंबर में रूस से तेल खरीदना आर्थिक रूप से ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, ये माल ढुलाई लागत और खरीद को अंतिम रूप देते समय उपलब्ध पेशकश पर निर्भर करेगा।

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Image Source : AFP BPCL रूस से कच्चे तेल की खरीद घटाएगी

सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम (BPCL) को आशंका है कि नवंबर में रूस से कच्चे तेल की खरीद घट सकती है। कंपनी के एक सीनियर अधिकारी ने सोमवार को ये जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि माल ढुलाई की बढ़ती लागत से रूसी कच्चे तेल की कीमत का फायदा कम हो रहा है, जबकि पश्चिम एशिया से तेल खरीदना व्यावसायिक रूप से ज्यादा फायदे का सौदा हो गया है।

माल ढुलाई की ऊंची लागत के कारण रूसी कच्चे तेल की खेप में आई कमी

कंपनी के डायरेक्टर (फाइनेंस) वेत्सा रामकृष्ण गुप्ता ने कंपनी के तिमाही नतीजों की घोषणा के मौके पर बातचीत में कहा, ''हमें पूरी मात्रा मिल रही है, लेकिन कुछ चुनौतियां हैं।'' उन्होंने कहा कि माल ढुलाई की ऊंची लागत के कारण नवंबर में रूसी कच्चे तेल की खेप में काफी कमी आई है। बीपीसीएल ने जुलाई-सितंबर तिमाही में अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का करीब 37 प्रतिशत तेल रूस से खरीदा था। 

रिफाइनरी का परिचालन जारी रखने के लिए कच्चा तेल पर्याप्त

वैश्विक तनाव के कारण समुद्री परिवहन मार्गों में बाधाएं आने और माल ढुलाई के साथ-साथ इंश्योरेंस की लागत बढ़ने के बीच कंपनी ने कच्चे तेल की खरीद के स्रोतों में विविधता लाना जारी रखा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि कंपनी ने अपनी रिफाइनरी का परिचालन जारी रखने के लिए पर्याप्त कच्चे तेल की व्यवस्था कर ली है। 

अक्टूबर में रूसी कच्चे तेल की कीमत स्टैंडर्ड कीमत से 12-13 डॉलर प्रति बैरल ज्यादा थी

गुप्ता ने बताया कि अक्टूबर में रूसी कच्चे तेल की कीमत स्टैंडर्ड कीमत से 12-13 डॉलर प्रति बैरल ज्यादा थी, जो हाल में घटकर करीब 1-2 डॉलर प्रति बैरल के प्रीमियम पर आ गई है। ऐसे में दिसंबर में रूस से तेल खरीदना आर्थिक रूप से ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, ये माल ढुलाई लागत और खरीद को अंतिम रूप देते समय उपलब्ध पेशकश पर निर्भर करेगा। 

पश्चिम एशिया से मिलने वाला कच्चा तेल व्यावसायिक रूप से ज्यादा फायदेमंद

वेत्सा रामकृष्ण गुप्ता ने कहा कि पश्चिम एशिया से मिलने वाला कच्चा तेल रूसी तेल की तुलना में व्यावसायिक रूप से ज्यादा फायदेमंद हो गया है और पहली तिमाही के मुकाबले पश्चिम एशिया से खरीद बढ़ी है। कंपनी को अक्टूबर और नवंबर में भी पश्चिम एशिया से ज्यादा मात्रा में कच्चा तेल मिलने की उम्मीद है। 

बाजार में बना हुआ है उतार-चढ़ाव

उन्होंने कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है और प्रत्येक खेप की खरीद की लागत माल ढुलाई, इंश्योरेंस और सप्लाई की शर्तों के आधार पर अलग-अलग होती है। उनके अनुसार, स्रोत और आपूर्ति मार्ग के आधार पर बीपीसीएल की कच्चे तेल की औसत पहुंच लागत मानक कीमत से करीब 10-12 डॉलर प्रति बैरल ज्यादा रही। 

कच्चे तेल की माल ढुलाई लागत में बढ़ोतरी

कच्चे तेल की माल ढुलाई लागत बढ़ी है, जबकि पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई लागत में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई है। इससे रिफाइनिंग मार्जिन पर दबाव पड़ा है। गुप्ता ने कहा कि तिमाही के दौरान सऊदी अरब से सप्लाई में सुधार के बाद कंपनी ने पश्चिम एशिया से खरीद बढ़ाई है। हालांकि, इराक और कुवैत से होने वाली सप्लाई अभी पूरी तरह सामान्य स्तर पर नहीं लौटी है। बीपीसीएल को अक्टूबर और नवंबर में पश्चिम से अपेक्षाकृत ज्यादा मात्रा में कच्चा तेल मिलने की उम्मीद है।

PTI Inputs

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