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उत्तर प्रदेश कारखाना (संशोधन) अधिनियम लागू, अधिकतम दैनिक कार्य घंटों में बड़ा बदलाव, जानें नए नियम और शर्तें

महिला श्रमिकों के लिए अब रात की पाली (नाइट शिफ्ट) में काम करना संभव हो सकेगा। नए संशोधन प्रावधान के तहत, यदि महिला श्रमिक लिखित रूप में अपनी सहमति देती हैं, तो उन्हें नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि, इसके लिए यह अनिवार्य होगा कि सभी सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए

एनएसईजेड बिल्डिंग।- India TV Hindi
Image Source : ऑफिशियल वेबसाइट एनएसईजेड बिल्डिंग।

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। राज्य में कारखाना (संशोधन) अधिनियम, 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी मिलने के बाद तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, राज्य सरकार का मानना है कि यह दूरगामी कदम औद्योगिक विकास को तेज़ी प्रदान करेगा, उत्पादन क्षमता में वृद्धि करेगा और राज्य में रोजगार के नए अवसरों को जन्म देगा।

अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं एवं प्रभाव

यह संशोधन श्रमिकों के कार्य घंटों, सुरक्षा और वेतन से संबंधित कई महत्वपूर्ण बदलाव लाता है। दैनिक कार्य घंटे की अधिकतम सीमा पुराने प्रावधान में 9 घंटे (सामान्यत:) है, जो अब नए प्रावधान में 12 घंटे तक होगा। इसे राज्य सरकार द्वारा बढ़ाया जा सकता है। लेकिन इसमें शर्त यह है कि साप्ताहिक कुल कार्य घंटे 48 घंटे से ज्यादा नहीं होंगे। इसी तरह, निरंतर कार्य अवधि भी पहले 5 घंटे निश्चित थी, जिसे नए प्रावधान में श्रमिक की लिखित सहमति पर 6 घंटे तक की जा सकती है। 

ओवरटाइम की तिमाही सीमा पुराने प्रावधान में 75 घंटे तय है, जो नए प्रावधान में विशेष परिस्थितियों में 144 घंटे तक करने की व्यवस्था प्रदान की गई है। महिला श्रमिक नाइट शिफ्ट सामान्य तौर पर प्रतिबंधित है। लेकिन अब नए प्रावधान में लिखित सहमति पर अनुमति दी जा सकती है। शर्त होगी कि सभी सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा। ओवरटाइम वेतन दर पुराने प्रावधान के मुताबिक सामान्य दर से दोगुना है, लेकिन नए प्रावधान में दैनिक निर्धारित सीमा से ज्यादा काम करने पर, सामान्य वेतन के दोहरे दर पर अनिवार्य भुगतान होगा। 

1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश के श्रम प्रमुख सचिव, अतुल श्रीवास्तव ने इस संशोधन पर बल देते हुए कहा कि यह कदम राज्य को औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा। श्रीवास्तव ने कहा कि यह संशोधन उत्तर प्रदेश को देश में एक प्रमुख औद्योगिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह हमारे 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में राज्य की प्रगति को मजबूत करेगा। यह अधिनियम उद्योगों को काम के घंटों में अधिक लचीलापन प्रदान करता है, जबकि श्रमिकों के वेतन और सुरक्षा मानकों को भी सुनिश्चित करता है।

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