देश में डिजिटल पेमेंट के मामले में यूपीआई (UPI) की लोकप्रियता बनी हुई है। यूपीआई के जरिये लेन-देन की संख्या 2024 की दूसरी छमाही में सालाना आधार पर 42 प्रतिशत बढ़कर 93.23 अरब पहुंच गई है। एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। वर्ल्डलाइन की 2024 की दूसरी छमाही की‘इंडिया डिजिटल भुगतान रिपोर्ट’के अनुसार, वॉल्यूम और प्राइस के मामले में तीन यूपीआई प्लेटफॉर्म फोनपे, गूगल पे और पेटीएम का दबदबा बना हुआ है। लेन-देन की वॉल्यूम के मामले में, दिसंबर 2024 में सभी लेन-देन में इन तीनें ऐप्स की हिस्सेदारी 93 फीसदी रही। लेन-देन मूल्य के संदर्भ में, हिस्सेदारी 92 प्रतिशत थी।
1,30,190 अरब रुपये का लेनदेन
रिपोर्ट में कहा गया,‘‘बीते वर्ष की दूसरी छमाही (जुलाई-दिसंबर) में यूपीआई लेनदेन की मात्रा सालाना आधार पर 42 प्रतिशत बढ़कर 93.23 अरब हो गई। एक साल पहले इसी अवधि में यह 65.77 अरब थी। इसी अवधि के दौरान, लेनदेन का मूल्य 31 प्रतिशत बढ़कर 1,30,190 अरब रुपये हो गया, जो एक साल पहले 2023 की दूसरी छमाही में 99,680 अरब रुपये था।
तेजी से बढ़ रहा डिजिटल पेमेंट
यूपीआई के अलावा, डिजिटल भुगतान के अन्य माध्यमों क्रेडिट कार्ड, प्रीपेड कार्ड, मोबाइल भुगतान और नेट बैंकिंग शामिल हैं। वर्ल्डलाइन इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रमेश नरसिम्हन ने कहा,‘‘भारत का डिजिटल भुगतान परिवेश तेजी से विकसित हो रहा है। इसका कारण यूपीआई के व्यापक रूप से अपनाना, पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और मोबाइल लेनदेन को लेकर बढ़ती रुचि तथा प्राथमिकता है।"
(पीटीआई/भाषा के इनपुट के साथ)
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