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किसी प्लेन या फ्लाइट को वाटर कैनन सैल्यूट कब और क्यों दिया जाता है? आपने किया है कभी गौर!

वाटर कैनन सैल्यूट एयरलाइन उद्योग में एयरक्राफ्ट की विशिष्टता और सेवा के प्रति आदर को व्यक्त करने का तरीका है। यह परंपरा विमानन उद्योग में एक भावनात्मक जुड़ाव और सम्मान को दर्शाती है, जो न सिर्फ कर्मचारियों के लिए, बल्कि यात्रियों के लिए भी एक यादगार अनुभव बन जाता है।

रनवे पर प्लेन के उतरने के बाद वाटर कैनन सैल्यूट देते ट्रक।- India TV Hindi
Image Source : PTI रनवे पर प्लेन के उतरने के बाद वाटर कैनन सैल्यूट देते ट्रक।

विमानन क्षेत्र (एविएशन इंडस्ट्री) में कई ऐसी परंपराएं हैं जो न केवल अनुशासन, बल्कि गहरे सम्मान को भी दर्शाती हैं। इन्हीं में से एक सबसे भव्य और भावुक परंपरा है- 'वाटर कैनन सैल्यूट'। जब कोई विमान रनवे पर उतरता है और दो फायर ट्रक उसके दोनों ओर से पानी की बौछार कर एक विशाल 'मेहराब' (आर्क) बनाते हैं, तो वह दृश्य किसी उत्सव से कम नहीं होता। एयरपोर्ट्स पर किसी विमान के आगमन पर निभाया जाना वाला यह सैल्यूट तब दिया जाता है जब कोई विमान अपनी सेवा की शुरुआत करता है या कोई विमान अपनी अंतिम उड़ान के बाद एयरलाइन से विदाई लेता है। यह आयोजन विमान सेवा के महत्व को सम्मानित करने और उसकी सफलता का प्रतीक होता है।

कब दिया जाता है वाटर कैनन सैल्यूट

वाटर कैनन सैल्यूट आमतौर पर खास और ऐतिहासिक मौकों पर दिया जाता है। यह सम्मान किसी पायलट की आखिरी उड़ान के अवसर पर या किसी विमान के आधिकारिक रूप से रिटायर होने पर दिया जाता है। इसके अलावा, किसी नई एयरलाइन या एयरपोर्ट से शुरू होने वाले नए रूट की पहली उड़ान, या किसी नए एयरक्राफ्ट टाइप की पहली कमर्शियल फ्लाइट पर भी वाटर कैनन सैल्यूट के जरिए स्वागत किया जाता है।

कई बार यह सम्मान खेलों में देश का नाम रोशन कर लौटने वाली ओलंपिक टीमों के स्वागत के लिए भी दिया जाता है। वहीं, देश सेवा में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिए उनके पार्थिव शरीर को लाने वाली फ्लाइट को भी वाटर कैनन सैल्यूट दिया जाता है। यह परंपरा विमानन जगत में सम्मान, गौरव और ऐतिहासिक पलों को यादगार बनाने का प्रतीक मानी जाती है।

वाटर कैनन की शुरुआत एविएशन में कब हुई

वॉटर कैनन सैल्यूट की शुरुआत 19वीं सदी में हुई थी। वाटर कैनन सैल्यूट की प्रथा एविएशन में तब आई जब सॉल्ट लेक सिटी एयरपोर्ट के फायरफाइटर्स ने डेल्टा एयर लाइन्स के एक रिटायर हो रहे पायलट को सम्मानित किया। यह तरीका खास फ्लाइट्स, एयरलाइंस या एयरक्राफ्ट की पहली/आखिरी उड़ानों, या खास लोगों को सम्मानित करने के तरीके के तौर पर दुनिया भर में फैल गया।

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