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पहले ही दिन 18% की गिरावट, शेयर बाजार में इस IPO की हुई सुपर फ्लॉप एंट्री

क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने अपने 3080 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर के लिए 1000 से 1053 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया था।

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Image Source : FREEPIK/INDIA TV पूरी तरह से सब्सक्राइब भी नहीं हुआ था कंपनी का आईपीओ

Clean Max Enviro Energy Solutions IPO: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड की शेयर बाजार में काफी खराब शुरुआत हुई। सोमवार को कंपनी के शेयर 1053 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले लगभग 18 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई पर कंपनी का शेयर 1053 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 9.57 प्रतिशत टूटकर 952.20 रुपये पर लिस्ट हुआ था। बाद में ये 17.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 867.90 रुपये पर बंद हुआ। इसी तरह, एनएसई पर ये 960 रुपये पर लिस्ट हुआ जो इश्यू प्राइस से 8.83 प्रतिशत कम है। कंपनी का मार्केट कैप 10,161.30 करोड़ रुपये रहा। बताते चलें कि क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड का आईपीओ 23 फरवरी को खुला था और 25 फरवरी को बंद हुआ था।

पूरी तरह से सब्सक्राइब भी नहीं हुआ था कंपनी का आईपीओ

क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने अपने 3080 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर के लिए 1000 से 1053 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया था। इस लिहाज से, रिटेल निवेशकों को एक लॉट में सिर्फ 14 शेयर ही मिले। निवेशकों में कंपनी के आईपीओ को लेकर कुछ खास दिलचस्पी नजर नहीं आई। लिहाजा, क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड के आईपीओ को सिर्फ 0.94 गुना सब्सक्रिप्शन ही मिल पाया। यानी, कंपनी का आईपीओ पूरी तरह से सब्सक्राइब ही नहीं हो पाया। साल 2010 में स्थापित ये कंपनी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए 'नेट-जीरो एमिशन' और कार्बन एमिशन में कटौती के समाधान प्रदान करती है। 

26 फरवरी को अलॉट किए गए थे शेयर

क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस के आईपीओ के तहत 3080 करोड़ रुपये के लिए कुल 2,92,50,277 शेयर अलॉट किए जाने थे। इनमें 1196 करोड़ रुपये के 1,13,60,190 फ्रेश शेयर थे, जबकि कंपनी के प्रोमोटरों द्वारा 1884 करोड़ रुपये के 1,78,90,087 शेयर ओएफएस के जरिए जारी किए गए। 25 फरवरी को आईपीओ बंद होने के बाद 26 फरवरी को आवेदकों को शेयरों का आवंटन किया गया था और फिर 27 फरवरी को निवेशकों के डीमैट खाते में शेयर ट्रांसफर कर दिए गए थे। हालांकि, ये आईपीओ निवेशकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया।

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