21 अक्टूबर को खुलने जा रहे जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO ने इस बात की ओर ध्यान खींचा है कि कैसे टेक्नोलॉजी पर आधारित इनोवेशन किसी स्थापित इंडस्ट्री की तस्वीर बदल सकता है। 2016 में लॉन्च होने के बाद, जियो भारत के टेलीकॉम मार्केट में एक बड़ी ताकत बनकर उभरा है। इसने आक्रामक कीमतों, तेजी से 5G के विस्तार और एक इंटीग्रेटेड डिजिटल-सर्विस इकोसिस्टम के जरिए पहले से मौजूद कंपनियों को कड़ी चुनौती दी है। इसके विपरीत, इसकी पुरानी प्रतिद्वंद्वी कंपनियां कई रणनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। ये दिखाता है कि कैसे एक नई कंपनी ने भारत के डिजिटल इकोसिस्टम को सफलतापूर्वक बदल दिया है।
होम ब्रॉडबैंड में दबदबा
होम ब्रॉडबैंड, जियो के इनोवेशन और उसे लागू करने की क्षमता का एक बेहतरीन उदाहरण है। 300 मिलियन से ज्यादा घरों के साथ, भारत 'फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस' (FWA) के लिए एक बहुत बड़ा मार्केट है। हालांकि, हर घर तक फाइबर पहुंचाना काफी महंगा हो सकता है, क्योंकि इसमें सिविल वर्क, परमिशन और इंस्टॉलेशन जैसी कई रुकावटें आती हैं। जियो ने इसका समाधान ये निकाला कि ग्राहक के घर पर एक रिसीवर लगाया जाए, जिससे हर घर तक अलग से फाइबर कनेक्शन पहुंचाने की जरूरत न पड़े। इसे मुमकिन बनाने के लिए, जियो ने अपनी खुद की टेक्नोलॉजी विकसित की, जिसे UBR कहा जाता है और इसे पूरी तरह से बेहतर बनाया। मार्च 2026 तक, जियो एयरफाइबर (Jio AirFiber) से लगभग 13 मिलियन घर जुड़े हुए थे। जियो फाइबर (Jio Fiber) और जियो एयरफाइबर को मिलाकर कुल 27.1 मिलियन फिक्स्ड-ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर हो गए, जो दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्कों में से एक है।
जियो का इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम
जियो का ब्रॉडबैंड विस्तार सिर्फ वायरलेस टेक्नोलॉजी पर निर्भर नहीं है। इसका असली फायदा नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर, सॉफ्टवेयर क्षमताओं, इन-हाउस टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और डिजिटल सेवाओं को एक साथ मिलाकर एक संपूर्ण सर्विस देने में है।
इस रणनीति की मदद से कंपनी अपने मौजूदा 5G इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करते हुए घरों और व्यवसायों तक अपनी पहुंच बढ़ा पा रही है। किफायती कीमतों और कनेक्टिविटी सर्विस को बड़े पैमाने पर फैलाने की क्षमता ने जियो को अपने मोबाइल बिजनेस के साथ-साथ होम ब्रॉडबैंड को भी विकास का एक अहम जरिया बनाने में मदद की है।
ये रणनीति दिखाती है कि जियो खुद को सिर्फ एक पारंपरिक टेलीकॉम ऑपरेटर के रूप में नहीं, बल्कि एक टेक्नोलॉजी-आधारित डिजिटल-सर्विस कंपनी के रूप में स्थापित करना चाहता है। एयरटेल को अपने होम कनेक्टिविटी बिजनेस को बढ़ाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है
जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की तारीखें और प्राइस बैंड
30,213 करोड़ रुपये का ये IPO 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद हो जाएगा। कंपनी ने प्रति शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। तय कार्यक्रम के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स 28 अक्टूबर को स्टॉक मार्केट में लिस्ट हो सकता है।
एंकर इन्वेस्टर्स की बिडिंग प्रक्रिया से ये स्पष्ट संकेत मिलने की उम्मीद है कि संस्थागत निवेशकों की शुरुआती दिलचस्पी, औपचारिक आवंटन और बाद में पब्लिक सब्सक्रिप्शन में किस हद तक बदलती है।
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