नवरत्न सरकारी कंपनी NLC India की रीन्यूएबल एनर्जी यूनिट, NIRL आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाएगी। कंपनी अगले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सूचीबद्ध होने की उम्मीद है। कंपनी की योजना विस्तार योजनाओं के आंशिक वित्तपोषण के लिए लगभग 4,000 करोड़ रुपये जुटाने का है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। एनएलसी इंडिया लिमिटेड (NLCIL) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) प्रसन्ना कुमार मोटुपल्ली ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की यह कंपनी 2030 तक अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को मौजूदा के 1.4 गीगावाट से बढ़ाकर 10 गीगावाट करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। कंपनी की योजना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये 4,000 करोड़ रुपये जुटाने की है।
सेबी के पास जल्द पेपर जमा कराने की तैयारी
कंपनी 2026-27 की पहली तिमाही में बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास दस्तावेजों का मसौदा दाखिल करने की योजना बना रही है। मोटुपल्ली ने कहा कि हम आईपीओ के ज़रिये 4,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य बना रहे हैं। इसलिए सितंबर तक हम एनआईआरएल के जरिये अपनी नवीकरणीय संपत्तियों को बढ़ाने की स्थिति में होंगे और मार्च, 2026 तक हम कानूनी और वित्तीय जांच-परख पूरी कर लेंगे और 2026-27 की पहली तिमाही में हम सेबी के पास लिए आवेदन करेंगे। एनएलसी इंडिया लिमिटेड अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को लगभग सात गुना बढ़ाने के लिए 50,000-60,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी का इरादा यह राशि इक्विटी और ऋण के जरिये जुटाने का है। उन्होंने कहा कि इक्विटी वाला हिस्सा आंतरिक स्रोतों से वित्तपोषित किया जाएगा।
आर्थिक मामलों की समिति से मिली छूट
मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने 16 जुलाई को एनएलसी इंडिया लिमिटेड को सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों को नियंत्रित करने वाले निवेश दिशानिर्देशों से विशेष छूट दी है। इससे एनएलसीआईएल अब एनआईआरएल में 7,000 करोड़ रुपये का निवेश कर सकेगी। कंपनी अब बिना किसी अनुमोदन के सीधे या संयुक्त उद्यमों के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं में निवेश करने में भी सक्षम होगी। सार्वजनिक क्षेत्र की सभी नवरत्न कंपनियों के लिए यह अनुमोदन जरूरी होता है। वर्तमान में, एनएलसीआईएल दो गीगावाट की कुल स्थापित क्षमता वाली सात नवीकरणीय ऊर्जा परिसंपत्तियों का परिचालन करती है, जो या तो चालू हैं या वाणिज्यिक संचालन के करीब हैं।
एनएलसी इंडिया छह गीगावाट की कंपनी है जिसमें 4.6 गीगावाट तापीय क्षमता शामिल है। एनएलसी इंडिया - एक गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ने वाली देश की पहली कंपनी है। कंपनी की योजना 2047 तक अपनी हरित ऊर्जा क्षमता को 32 गीगावाट तक बढ़ाने की है। कोयला मंत्रालय के अधीन एनएलसी इंडिया खनन और बिजली उत्पादन के कारोबार में है।
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