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कमाई का मौका! इस IPO में 4 सितंबर से लगा सकते हैं बोली, जानें प्राइस बैंड और कहां होगी शेयर लिस्टिंग

यह IPO मुख्य रूप से खुदरा और छोटे निवेशकों के लिए एक अवसर हो सकता है, जो उभरते बिज़नेस में निवेश कर बेहतर रिटर्न की उम्मीद करते हैं।

आईपीओ का कुल इश्यू साइज ₹25.10 करोड़ है। - India TV Hindi
Image Source : FREEPIK आईपीओ का कुल इश्यू साइज ₹25.10 करोड़ है।

आईपीओ में पैसा लगाकर कमाई के मौके की तलाश में हैं तो आपके लिए गुरुवार से अच्छा मौका है। दरअसल, पीवीसी पाइप और फिटिंग्स बनाने वाली कंपनी विगर प्लास्ट इंडिया लिमिटेड ने अपने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की घोषणा की है, जो 4 सितंबर 2025 से पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 9 सितंबर 2025 को बंद होगा। कंपनी के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के एसएमई प्लेटफॉर्म ‘इमर्ज’ पर सूचीबद्ध किए जाएंगे।

आईपीओ को जान लें

विगर प्लास्ट इंडिया लिमिटेड के इस आईपीओ का कुल इश्यू साइज ₹25.10 करोड़ है। यह 24.99 लाख इक्विटी शेयर वाला फ्रेश इश्यू है। ऑफर फॉर सेल के तहत 6 लाख इक्विटी शेयर
ऑफर किए जाएंगे। आईपीओ की फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है। आईपीओ का प्राइस बैंड ₹77 – ₹81 प्रति शेयर है। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर (₹81) पर कंपनी को इस IPO से ₹25.10 करोड़ जुटाने की उम्मीद है।

जुटाई गई राशि का इस्तेमाल

कंपनी इस आईपीओ से जुटाई राशि का इस्तेमाल ₹11.39 करोड़, मौजूदा कर्ज चुकाने में, ₹3.8 करोड़ अहमदाबाद, गुजरात में नया वेयरहाउस बनाने में और शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए करेगी। विगर प्लास्ट इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन एवं एमडी जयेश प्रेमजीभाई कथिरिया ने कहा कि इस IPO से हमें न केवल वित्तीय मजबूती मिलेगी, बल्कि हम अपनी उत्पादन क्षमता का भी विस्तार कर पाएंगे। अहमदाबाद में बन रहे नए वेयरहाउस को भी इससे बल मिलेगा।

कैसा है कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन (FY2025)

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में कुल राजस्व ₹45.57 करोड़ रुपये अर्जित किया और शुद्ध लाभ (PAT) ₹5.15 करोड़ दर्ज किया। इस आईपीओ के प्रमुख साझेदार में Unistone Capital लीड बुक रनिंग मैनेजर है और KFin Technologies रजिस्ट्रार है। 

आईपीओ क्या होता है?

आईपीओ का मतलब इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग है। यह वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक निजी स्वामित्व वाली कंपनी पहली बार अपनी कंपनी के शेयर जनता को बेचती है। कंपनियां कई कारणों से आईपीओ लाती हैं, जिनमें पूंजी जुटाना, सार्वजनिक प्रतिष्ठा और कर्मचारियों और शुरुआती निवेशकों को लाभ शामिल हैं।

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