नई दिल्ली। अमेरिकी शेयर बाजार के बारे में कहावत है ‘सेल इन मे ऐंड गो अवे’। यह कहावत निवेशकों को मई में अपने सौदे बेच कर बाहर निकल जाने के लिए सचेत करती है ताकि उन्हें बाजार में आने वाली संभावित गिरावट में नुकसान न उठाना पड़े। ऐतिहासिक रूप से यह देखा गया है कि मई से लेकर अक्टूबर तक वहां के शेयर बाजार का प्रदर्शन तुलनात्मक रूप से अगले छह महीनों के मुकाबले काफी खराब रहता है। तो भारतीय शेयर बाजार का क्या?
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दिसंबर में बेहतर करता रहा है भारतीय शेयर बाजार
ऐतिहासिक रूप से भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन दिसंबर के महीने में अच्छा रहता है। अगर हम बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के संवेदी सूचकांक Sensex के पिछले दस साल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पता चलता है कि दस में से सात बार इसने दिसंबर महीने में निवेशकों को मुनाफा दिलाया है।
जनवरी के दौरान Sensex में तेजी की 50:50 संभावना
अगर हम साल के 52 हफ्तों में भारतीय शेयर बाजार के प्रदर्शन पर गौर फरमायें, तो पता चलता है कि साल के शुरुआती हफ्ते में बाजार की चाल का कोई साफ रुझान नहीं दिखता। पिछले दस साल के दौरान जनवरी के पहले हफ्ते में सेंसेक्स में पांच बार तेजी देखी गयी है, जबकि पांच बार इसको नुकसान सहना पड़ा है।
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कैलेंडर वर्ष के अंत में हमेशा अच्छा रहा है Sensex का प्रदर्शन
साल की शुरुआत में भले ही शेयर बाजार निवेशकों को खुशियां न दे पाता हो, लेकिन साल के आखिर में यह निवेशकों को खाली हाथ अलविदा नहीं कहता। दिसंबर के आखिरी सप्ताह यानि कैलेंडर साल के आखिरी सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन सकारात्मक रहता है। पिछले दस सालों के दौरान दिसंबर के आखिरी सप्ताह में सेंसेक्स की चाल के आंकड़े दिखाते हैं कि दस में से नौ बार इसने निवेशकों को मुनाफा दिया है और महज एक बार इसे दिसंबर के आखिरी हफ्ते में घाटा सहना पड़ा है।
पिछले 10 साल के दौरान दिसंबर में Sensex का रिटर्न
| साल |
साल के आखिरी हफ्ते में सेंसेक्स का प्रदर्शन (% में) |
|---|
| 2015 |
1.08 |
| 2014 |
1.07 |
| 2013 |
0.66 |
| 2012 |
0.89 |
| 2011 |
-1.80 |
| 2010 |
2.17 |
| 2009 |
0.60 |
| 2008 |
0.82 |
| 2007 |
2.18 |
| 2006 |
2.34 |
पिछले 10 साल के दौरान जनवरी में Sensex का प्रदर्शन
| साल |
जनवरी के पहले हफ्ते में Sensex का प्रदर्शन (% में) |
|---|
| 2016 |
-4.85 |
| 2015 |
-2.15 |
| 2014 |
-2.26 |
| 2013 |
1.36 |
| 2012 |
2.55 |
| 2011 |
-3.98 |
| 2010 |
0.86 |
| 2009 |
-0.63 |
| 2008 |
2.59 |
| 2007 |
0.53 |
FII/FPI ने अक्टूबर महीने में भारतीय शेयर बाजार में 4,306 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की थी। नवंबर में तो इन लोगों ने शेयरों में 18,244 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की। दिसंबर का हाल भी कुछ ऐसा ही है और 21 दिसंबर तक ये लोग 2,063 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली कर चुके हैं। नोटबंदी का भूत अभी कहीं गया नहीं है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय शेयर बाजार इस साल दिसंबर के आखिरी हफ्ते में लगभग हर बार की तरह निवेशकों को क्रिसमस और नववर्ष का उपहार देता है या नहीं।
– लेखक अवनीश कुमार मिश्र Money Misshra Financial Services के MD एवं CEO हैं।
डिसक्लेमर : प्रस्तुत विचार लेखक के निजी विचार हैं। IndiaTVPaisa इससे इत्तेफाक नहीं रखता है।
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