देश के अग्रणी शेयर बाजार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने सोमवार को निवेशकों को एक फर्जी डीपफेक वीडियो के प्रति सतर्क किया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस वीडियो में बीएसई के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ सुंदररामन राममूर्ति को शेयर बाजार में निवेश की सलाह देते हुए दिखाया गया है, जिसे एक्सचेंज ने पूरी तरह झूठा, अनधिकृत और धोखाधड़ीपूर्ण बताया है। बीएसई ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि उसके संज्ञान में आया है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर एक नकली डीपफेक वीडियो फैलाया जा रहा है, जिसमें सुंदररामन राममूर्ति की छवि और आवाज का गलत तरीके से इस्तेमाल कर निवेश संबंधी सलाह देने का झूठा दावा किया गया है।
निवेशकों को गुमराह करने वाले भ्रामक दावे
खबर के मुताबिक, एक्सचेंज के मुताबिक, इस वीडियो में निवेशकों को गुमराह करने वाले भ्रामक दावे किए गए हैं। इसमें 2026 के लिए तथाकथित स्टॉक टिप्स, असाधारण या असामान्य मुनाफे के वादे किए गए हैं और लोगों को एक व्हाट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए उकसाया जा रहा है। वीडियो में 2027 तक आपके पास 80 लाख रुपये होंगे जैसे आकर्षक लेकिन पूरी तरह मनगढ़ंत दावे भी शामिल हैं। बीएसई ने स्पष्ट किया कि यह वीडियो डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर तैयार किया गया है और यह पूरी तरह फर्जी, छेड़छाड़ किया हुआ और अनधिकृत है।
बीएसई किसी भी प्रकार की शेयर टिप्स नहीं देता
एक्सचेंज ने दो टूक कहा कि न तो सुंदररामन राममूर्ति और न ही बीएसई का कोई अन्य अधिकारी, चाहे वह आधिकारिक हो या व्यक्तिगत स्तर पर, किसी भी प्रकार की शेयर टिप्स या निवेश सलाह देता है और न ही व्हाट्सऐप, टेलीग्राम या किसी अन्य डिजिटल ग्रुप का संचालन करता है। एक्सचेंज ने यह भी बताया कि वह इस फर्जी कंटेंट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटवाने के लिए कदम उठा रहा है और इसके पीछे शामिल लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
बीएसई ने निवेशकों और आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी वीडियो, संदेश या लिंक पर भरोसा न करें और न ही इनके आधार पर कोई निवेश निर्णय लें। बाजार से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए केवल बीएसई के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल, अधिकृत संचार माध्यमों और सेबी-पंजीकृत मध्यस्थों द्वारा जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें। उल्लेखनीय है कि इससे पहले अप्रैल माह में बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) दोनों ने अपने-अपने सीईओ के नाम पर प्रसारित डीपफेक वीडियो के जरिए शेयरों की सिफारिश किए जाने को लेकर निवेशकों को चेतावनी दी थी।
क्या होता है डीपफेक वीडियो
डीपफेक ऐसी तकनीक है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से किसी व्यक्ति के वीडियो या ऑडियो को इस तरह से तैयार किया जाता है कि वह व्यक्ति कुछ ऐसा कहता या करता हुआ दिखाई दे, जो उसने वास्तव में कभी नहीं कहा या किया होता। इससे न केवल गलत सूचना फैलने का खतरा बढ़ता है, बल्कि संबंधित व्यक्ति और संस्थान की साख को भी गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
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