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वित्त मंत्रालय सरकारी बैंकों के प्रमुखों की 17 अप्रैल को बुला सकता है मीटिंग, इस मुद्दे पर होगी चर्चा!

12 सरकारी बैंकों ने वित्त वर्ष के नौ महीनों में 1,29,426 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे ज्यादा कुल शुद्ध लाभ और 2,20,243 करोड़ रुपये का कुल परिचालन लाभ हासिल किया।

मीटिंग में 31 मार्च को खत्म वित्त वर्ष के दौरान बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन पर भी चर्चा हो सकती है।- India TV Hindi
Image Source : PTI मीटिंग में 31 मार्च को खत्म वित्त वर्ष के दौरान बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन पर भी चर्चा हो सकती है।

वित्त मंत्रालय आगामी 17 अप्रैल को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक कर सकता है। संभावना है कि इस बैठक में वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा करने के लिए मिल सकता है। इसके अलावा, मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जन धन योजना और मुद्रा योजना सहित सरकार की प्रमुख योजनाओं के लक्ष्यों पर चर्चा करने के लिए यह बैठक बुलाई है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, इस बैठक की अध्यक्षता वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू करेंगे।

बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन पर भी चर्चा होगी

खबर के मुताबिक, मीटिंग में 31 मार्च को खत्म वित्त वर्ष के दौरान बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन पर भी चर्चा होगी और पीएम स्वनिधि योजनाओं सहित वित्तीय समावेशन योजनाओं के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में 1.29 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो वार्षिक आधार पर 31.3 प्रतिशत की ग्रोथ दर्शाता है।

बैंकों ने अब तक का सबसे ज्यादा कुल शुद्ध लाभ कमाया

वित्त वर्ष के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रदर्शन ने प्रमुख वित्तीय मापदंडों जैसे रिकॉर्ड शुद्ध लाभ वृद्धि, बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता और पर्याप्त पूंजी बफर के निर्माण पर बेहतरीन सुधार किया है। 12 सरकारी बैंकों ने वित्त वर्ष के नौ महीनों में 1,29,426 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे ज्यादा कुल शुद्ध लाभ और 2,20,243 करोड़ रुपये का कुल परिचालन लाभ हासिल करते हुए 31. 3 प्रतिशत (साल-दर-साल) की शुद्ध लाभ वृद्धि दर्ज की।

बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि 0.59 प्रतिशत (कुल शुद्ध एनपीए बकाया 61,252 करोड़ रुपये) के काफी कम शुद्ध एनपीए अनुपात से भी बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता दिखाई देती है,
उन्होंने 9. 8 प्रतिशत की बेहतर कुल जमा वृद्धि के साथ 11 प्रतिशत (साल-दर-साल) की कुल कारोबार वृद्धि दर्ज की। इस अवधि के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कुल कारोबार 242. 27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

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