सरकार ने बुधवार को पब्लिक सेक्टर की रीइंश्योरेंस कंपनी जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (GIC-Re) में अपनी 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी। सरकार ने बिक्री पेशकश (OFS) के जरिए ये हिस्सेदारी बेची है। जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की बिक्री पेशकश को निवेशकों की जबरदस्त समर्थन मिला। इस डील से सरकार को लगभग 3,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। इस बड़ी और सफल डील के साथ ही चालू वित्त वर्ष में अब तक 5 पब्लिक सेक्टर की कंपनियों में विनिवेश यानी Disinvestment से सरकार को करीब 16,000 करोड़ रुपये की राशि मिल चुकी है।
रिटेल इंवेस्टर्स के लिए बुधवार को खुला था GIC-Re का ओएफएस
मंगलवार को नॉन-रिटेल इंवेस्टर्स ने इस ओएफएस के लिए करीब 4,000 करोड़ रुपये की बोलियां लगाईं। रिटेल इंवेस्टर्स के लिए ये ओएफएस बुधवार को खुला था। निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणीश चावला ने कहा कि जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में हिस्सेदारी बिक्री के लिए लाए गए ओएफएस को निवेशकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। उन्होंने कहा कि ओएफएस के तहत, बेस इश्यू और ग्रीन-शू ऑप्शन दोनों को पूरा सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ।
सरकार ने 352 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचे सरकारी कंपनी के शेयर
बताते चलें कि सरकार ने जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में हिस्सेदारी बेचने के लिए 352 रुपये प्रति शेयर के बेस प्राइस पर दो अलग-अलग चरणों में ये इश्यू पेश किया था। इसमें 2 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ 3 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी का ग्रीन-शू ऑप्शन भी शामिल था। कुल मिलाकर ये 5 प्रतिशत हिस्सेदारी रही, जिसकी बिक्री हुई है। ओएफएस के लिए घोषित न्यूनतम मूल्य सोमवार के बंद भाव के मुकाबले 9.36 प्रतिशत कम था।
बुधवार को 7.65 प्रतिशत की गिरावट के साथ 358.65 रुपये पर बंद हुए GIC-Re के शेयर
इस बीच, बुधवार को बीएसई पर जीआईसी के शेयर 7.65 प्रतिशत गिरकर 358.65 रुपये पर बंद हुए। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में इससे पहले सार्वजनिक उपक्रमों में हिस्सेदारी बिक्री से 13,389 करोड़ रुपये जुटाए थे। इनमें कोल इंडिया, एनएचपीसी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और एनएलसी इंडिया शामिल हैं। सरकार ने सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश से वित्त वर्ष 2026-27 में 80,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने का लक्ष्य रखा है।
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