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शेयर बाजार में अगले हफ्ते कैसी रहेगी चाल, जानें 'ट्रंप टैरिफ राहत' के बाद अब आगे क्या?

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि अमेरिका-चीन व्यापार तनाव, वैश्विक बाजार रुझान, और कंपनियों के तिमाही नतीजों के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

Share Market - India TV Hindi
Image Source : FILE शेयर बाजार

Share Market Outlook: शेयर बाजार में उठा–पटक का दौर जारी है। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 207.43 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी में भी 75.9 अंक की गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में अगले हफ्ते शेयर बाजार की चाल कैसी रहेगी? आपको बता दें कि अगले हफ्ते सोमवार और शुक्रवार को बाजार बंद रहेंगे। ऐसे में कम करोबारी वाले हफ्ते में क्या बाजर में तेजी लौटेगी या जारी रहेगी गिरावट? यह सवाल इ​सलिए कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आयात पर 26% अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की थी, जिसे बाद में 90 दिन के लिए टाल दिया। इसके बाद बाजार में तेजी की उम्मीद की जा रही है। आइए जानते हैं कि अगले हफ्ते बाजार की चाल कैसी रह सकती है। 

इन घटनाक्रम पर रहेगी नजर 

मार्केट एक्सपर्ट का कहन है कि अगले हफ्ते शेयर बाजार की दिशा मुख्य रूप से अमेरिका-चीन टैरिफ वॉर से जुड़े घटनाक्रमों और आईटी कंपनियों—विप्रो और इंफोसिस—के तिमाही परिणामों पर निर्भर करेगी। इसके अलावा वैश्विक रुझान और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की चाल को प्रभावित करेंगी। अगले सप्ताह शेयर बाजार में दो अवकाश रहेंगे—सोमवार को बाबा साहेब आंबेडकर जयंती और शुक्रवार को गुड फ्राइडे। 

बाजार में बढ़ सकता है उतार–चढ़ाव

मास्टर ट्रस्ट ग्रुप के निदेशक पुनीत सिंघानिया ने कहा कि अगले सप्ताह वैश्विक और भारतीय बाजारों के लिए अस्थिर रह सकता है क्योंकि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर गहराता जा रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों देश एक-दूसरे पर शुल्क दर शुल्क लगा रहे हैं, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस सप्ताह भारत में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी होंगे। वहीं, अमेरिका, ब्रिटेन और चीन के भी महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े सामने आएंगे।

ट्रंप ने कई देशों को दी राहत 

हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नई शुल्क योजना पेश की थी, जिसमें कुछ देशों को अस्थायी राहत दी गई है, लेकिन चीन को निशाने पर रखा गया। जवाब में, चीन ने भी अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क बढ़ाकर 125% कर दिया है, जबकि अमेरिका ने 145% शुल्क लगाया था। हालांकि चीन ने वार्ता के लिए दरवाजे खुले रखने की बात कही है। 

कंपनियों के रिजल्ट पर रहेगी नजर 

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजित मिश्रा ने कहा कि छुट्टियों के चलते सीमित कारोबारी सत्रों में बाजार अमेरिकी-चीन मोर्चे पर गतिविधियों और घरेलू कंपनियों के परिणामों से प्रभावित रहेगा। इस सप्ताह आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियां-विप्रो और इंफोसिस-तथा एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक अपने मार्च तिमाही के परिणाम घोषित करेंगी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि अमेरिका-चीन व्यापार तनाव, वैश्विक बाजार रुझान, और कंपनियों के तिमाही नतीजों के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। साथ ही, रुपया-डॉलर की चाल और ब्रेंट क्रूड की कीमतें भी बाजार की दिशा निर्धारित करेंगी।

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