सोमवार को घरेलू शेयर बाजार ने मामूली बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की थी। बाजार खुलने के साथ ही ये बढ़त अचानक तेज हो गई और देखते ही देखते सेंसेक्स 83,486.15 अंकों के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। हालांकि, खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 83,151.57 अंकों पर ट्रेड कर रहा था। बाजार में आज की इस तेजी के बीच प्राइवेट सेक्टर के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के शेयरों में लगभग 20 प्रतिशत तक की भयावह गिरावट दर्ज की गई। दरअसल, बैंक में हुए 590 करोड़ रुपये के घोटाले ने निवेशकों का भरोसा तोड़ दिया और आज बाजार खुलते ही उन्होंने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के शेयरों की बिकवाली शुरू कर दी।
सोमवार को 66.85 रुपये के इंट्राडे लो तक पहुंचे आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के शेयर
सोमवार को दोपहर 12.07 बजे तक आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के शेयर बीएसई पर 16.17% (13.51 रुपये) की गिरावट के साथ 70.05 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे। पिछले हफ्ते शुक्रवार को 83.56 रुपये के लेवल पर बंद हुए बैंक के शेयर आज बड़ी गिरावट के साथ 75.21 रुपये के भाव पर खुले थे। हालांकि, आज कारोबार के दौरान प्राइवेट बैंक के शेयर 66.85 रुपये के इंट्राडे लो तक पहुंच गए। हालांकि, आज की इस भारी गिरावट के बावजूद आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के शेयर अपने 52 वीक लो से काफी ऊपर हैं। इस प्राइवेट बैंक के शेयर का 52 वीक लो 52.50 रुपये है, जबकि इसका 52 वीक हाई 87.00 रुपये है।
शेयरों में गिरावट की वजह से निवेशकों के 14,000 करोड़ रुपये स्वाहा
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के शेयरों में आज की इस भारी-भरकम गिरावट की वजह से उन निवेशकों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है, जिन्होंने समय पर शेयर नहीं बेचे। बैंक के शेयरों में इस गिरावट की वजह से निवेशकों के लगभग 14,000 करोड़ रुपये डूब गए। बताते चलें कि आईडीएफसी बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया था कि उनके चंडीगढ़ ब्रांच में 590 करोड़ रुपये के फ्रॉड का पता चला है। हैरानी की बात ये है कि ये फ्रॉड सरकारी खाते में हुआ है और अभी तक की जांच में जो बातें सामने आई हैं, उसमें ये मालूम चला है कि इस 590 करोड़ रुपये के फ्रॉड को अंजाम देने में कोई बाहरी लोग या साइबर क्रिमिनल नहीं बल्कि खुद बैंक के अधिकारी शामिल थे।
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