ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो ने MSME और डिजिटल बिजनेस को सार्वजनिक रूप से लिस्टेड कंपनियां बनने में मदद करने के उद्देश्य से BSE के साथ साझेदारी की है। इस पहल का नाम 'प्रोजेक्ट शिखर' है, जिसे एक समझौता ज्ञापन (MoU) के माध्यम से औपचारिक रूप दिया गया है। इसका उद्देश्य शानदार प्रदर्शन करने वाले स्वतंत्र ई-कॉमर्स विक्रेताओं (Sellers) को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट कराने में मदद करना है, जिससे उनकी वृद्धि के लिए आवश्यक पूंजी की जरूरतें पूरी हो सकें।
गतिशील और रोजगार पैदा करने वाले कारोबारों का पूंजी बाजार में मौका देता है BSE
बीएसई के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सुंदररमन राममूर्ति ने कहा कि बीएसई ने SME प्लेटफॉर्म की शुरुआत गतिशील और रोजगार पैदा करने वाले कारोबारों को पूंजी बाजार तक सीधी पहुंच देने के लिए की थी। राममूर्ति ने कहा, ''सालों में बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म ने सैकड़ों MSME को लिस्ट होने, वृद्धि पूंजी जुटाने और कामकाज मानकों को मजबूत करने में सक्षम बनाया है। मीशो के साथ ये साझेदारी इस परिवेश को डिजिटल-प्रथम उद्यमियों तक विस्तारित करती है, जिससे ई-कॉमर्स सेलर पब्लिक कंपनियां बन सकें।''
अनौपचारिक या असंगठित क्षेत्रों में संचालित होता है खुदरा कारोबार का बड़ा हिस्सा
भारत के खुदरा कारोबार का एक बड़ा हिस्सा अनौपचारिक या असंगठित क्षेत्रों में संचालित होता है, जिसे पारंपरिक विस्तार पूंजी तक पहुंचने में अकसर कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बयान में मीशो ने कहा कि 'प्रोजेक्ट शिखर' इस अंतर को खत्म करेगा और पब्लिक लिस्टिंग के लिए चरणबद्ध मार्ग तैयार करेगा।
विक्रेताओं को सार्वजनिक पूंजी जुटाने में मदद करेगा मीशो
मीशो में कॉर्पोरेट मामलों की प्रमुख लोपामुद्रा राव ने कहा कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिजनेस करने वाले विक्रेता परिवेश का एक बड़ा हिस्सा ऐसे उद्यमी व्यवसायों का है, जो तेजी से बढ़े हैं। लेकिन, निवेश के लिए तैयार एक यूनिट के रूप में बदलना जटिल बना रहता है। राव ने कहा, '''प्रोजेक्ट शिखर' इस जटिलता को दूर करेगा। बीएसई के साथ इस साझेदारी के माध्यम से हम न सिर्फ विक्रेताओं को सार्वजनिक पूंजी जुटाने में मदद कर रहे हैं बल्कि हम पारदर्शी और अनुपालन करने वाले व्यवसायों की एक श्रृंखला भी तैयार कर रहे हैं, जो भारत की औपचारिक अर्थव्यवस्था को गति देंगे।''
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