नई दिल्ली। कोरोना महमारी के बाद पिछले साल (2021) जब बाजार में जोरदार तेजी लौटी तो न्यू एज टेक्नोलॉजी कंपनियां धराधर आईपीओ ले कर आई। इन कंपनियों के IPO को लेकर खूब हाईप भी क्रिएट किया गया। छोटे निवेशकों को लगा कि न्यू एज की ये कंपनियां उनको मोटा मुनाफा देगी। इस चक्कर में वो आंख मूंदकर पैसा लगाते गए। अब एक साल होते-होते ही इन कंपनियों का बुलबुला फूटने लगा है। पेटीएम, जोमैटो, पीबी फिनटेक, कारट्रेड टेक जैसी कंपनियों के शेयर में निवेश किए हुए निवेशक सदमे में हैं। उनकी गाढ़ी कमाई डूब चुकी है। इन कंपनियों के शेयर अपने आईपीओ प्राइस से 70 फीसदी तक टूट चुके हैं।
निवेशकों के पैसे इस तरह डूबे
| कंपनी |
आईपीओ प्राइस |
आज का भाव |
52 वीक हाई से नीचे |
| पेटीएम (वन97 कम्यूनिकेशन) |
2150 रुपये |
604 रुपये |
70% |
| जौमैटो |
76 रुपये |
76 रुपये |
65% |
| एफएसएन ई-कॉमर्स 1 |
1125 रुपये |
1420 |
52% |
| पीबी फिनटेक |
980 रुपये |
685 |
5% |
| कारट्रेड टेक |
1618 रुपये |
685 रुपये |
35% |
निवेशकों के 2.50 लाख करोड़ डूबे
बाजार में गिरावट आने से हर सेक्टर में निवेश करने वाले निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि, सबसे अधिक नुकसान स्टार्टअप्स में निवेश करने वालों को हुआ है। अगर, सिर्फ पेटीएम, जोमैटो, पीबी फिनटेक, कारट्रेड टेक और एफएसएन ई-कॉमर्स को देंखे तो इन पांच कंपनियों ने निवेशकों को अभी तक करीब 2.50 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं। आगे भी कितने डूबेंगे यह कहना मुश्किल है।
इन कंपनियों को लेकर क्या कहते हैं विशेषज्ञ
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने इंडिया टीवी को बताया कि पेटीएम समेत दूसरी टेक्नालॉजी कंपनियों को लेकर मेरी राय यह है कि इससे निवेशक अभी भी दूरी बनाकर रखें। ज्यादातर टेक्नालॉजी की कंपनियां घाटे में हैं। यानी, कब तक फायदे में लौटेगी कहना मुश्किल है। ऐसे में इसकी बहुत संभावना है कि आगे इन कंपनियों में और बिकवाली देखने को मिले। यानी निवेशकों को मौजूदा भाव पर भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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