1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बाजार
  4. रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सर्वकालिक निचले लेवल 92.02 तक फिसला, इतने पर हुआ बंद

रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सर्वकालिक निचले लेवल 92.02 तक फिसला, इतने पर हुआ बंद

वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच भारतीय मुद्रा पर दबाव है। आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबवे अपनी वास्तविक क्षमता से कम परफॉर्म कर रहा है।

विदेशी निवेशकों की निरंतर बिकवाली का असर है।- India TV Hindi
Image Source : PEXELS विदेशी निवेशकों की निरंतर बिकवाली का असर है।

शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये ने अब तक का सबसे निचला स्तर छू लिया। दिन के कारोबार में रुपया 92.02 प्रति डॉलर तक कमजोर हुआ, हालांकि आखिर में हल्की रिकवरी के साथ 91.97 पर बंद होने में सफल रहा। मजबूत अमेरिकी मुद्रा और वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच रुपये पर लगातार दबाव बना रहा। फॉरेक्स बाजार से जुड़े जानकारों के अनुसार, विदेशी निवेशकों की निरंतर बिकवाली और घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। 

शुरुआती कारोबार में मजबूती दिखाई

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 91.89 पर खुला और शुरुआती कारोबार में मजबूती दिखाते हुए 91.82 प्रति डॉलर तक पहुंच गया। लेकिन बाद में बिकवाली बढ़ने से यह अपने अब तक के रिकॉर्ड निचले स्तर 92.02 तक फिसल गया। अंततः रुपया पिछले बंद स्तर की तुलना में महज 2 पैसे की बढ़त के साथ 91.97 पर बंद हुआ।

इससे पहले गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले अपने तब तक के सबसे निचले स्तर 91.99 पर स्थिर बंद हुआ था। इससे पहले रुपये का रिकॉर्ड निचला स्तर 23 जनवरी को 92 प्रति डॉलर दर्ज किया गया था।

एक्सपर्ट ने क्या कहा?

मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी ने कहा कि कच्चे तेल और कमोडिटी कीमतों में आई गिरावट से रुपये को कुछ राहत मिली। हालांकि डॉलर इंडेक्स में मजबूती और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार निकासी के चलते रुपये में तेज उछाल सीमित रहा। उन्होंने बताया कि अमेरिकी डॉलर को उस समय और समर्थन मिला, जब डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन पद के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा करने का संकेत दिया। इस दौरान छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.45% की बढ़त के साथ 96.57 पर कारोबार करता दिखा।

रुपया अपनी वास्तविक क्षमता से कम प्रदर्शन कर रहा

वहीं संसद में गुरुवार को पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि रुपया अपनी वास्तविक क्षमता से कम प्रदर्शन कर रहा है। सर्वेक्षण के अनुसार, ऐसे समय में जब महंगाई नियंत्रण में है और आर्थिक वृद्धि का परिदृश्य सकारात्मक बना हुआ है, भारत में निवेश को लेकर निवेशकों की झिझक पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

क्रूड ऑयल में नरमी

वैश्विक तेल बाजार में नरमी रही। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.96% की गिरावट के साथ 70.03 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता नजर आया।

Latest Business News