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SBI ने QIP के जरिए ₹25,000 करोड़ जुटाए, बिजनेस ग्रोथ पर होगा फोकस, जानें पूरी बात

यह अब तक का सबसे बड़ा क्यूआईपी इश्यू है जो भारतीय पूंजी बाजार में दर्ज हुआ है। यह इश्यू 4.5 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ, जिससे निवेशकों का बैंक की रणनीति और भारत के बैंकिंग क्षेत्र में भरोसा झलकता है।

बैंक ने FY25 के लिए प्रति शेयर ₹15.90 का डिविडेंड भी घोषित किया है।- India TV Hindi
Image Source : @THEOFFICIALSBI ON X/VIDEO GRABBED IMAGE बैंक ने FY25 के लिए प्रति शेयर ₹15.90 का डिविडेंड भी घोषित किया है।

देश के सबसे बड़े बैंक, एसबीआई (भारतीय स्टेट बैंक) ने बीते सोमवार को बताया कि उसने क्यूआईपी (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) के जरिये ₹25,000 करोड़ जुटाए हैं। बैंक के मुताबिक, यह अब तक का सबसे बड़ा क्यूआईपी इश्यू है जो भारतीय पूंजी बाजार में दर्ज हुआ है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, बैंक के निदेशक समिति ने मीटिंग में क्यूआईपी इश्यू को बंद करने की मंजूरी दी, क्योंकि पात्र निवेशकों से आवेदन पत्र और फंड्स एस्क्रो अकाउंट में हासिल हो चुके थे। मीटिंग में ₹817 प्रति शेयर की कीमत पर 30.6 करोड़ इक्विटी शेयरों के अलॉटमेंट को भी मंजूरी दी गई। इसमें ₹1 फेस वैल्यू और ₹816 का प्रीमियम शामिल है। समिति ने पात्र क्यूआईबी को आवंटन पत्र भेजने की प्रक्रिया को भी अंतिम रूप दे दिया।

4.5 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ इश्यू

खबर के मुताबिक, यह इश्यू 4.5 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ, जिससे निवेशकों का बैंक की रणनीति और भारत के बैंकिंग क्षेत्र में भरोसा झलकता है। कुल मांग का 64.3% हिस्सा विदेशी निवेशकों से आया, जबकि अंतिम आवंटन में 88% हिस्सेदारी लॉन्ग-टर्म निवेशकों को मिली। इसमें 24% विदेशी लॉन्ग-टर्म निवेशकों को आवंटित किया गया। एसबीआई के चेयरमैन सी.एस. सेट्टी ने इसे बैंक की मजबूत बुनियाद, जोखिम प्रबंधन और डिजिटल-फर्स्ट ग्रोथ रणनीति में निवेशकों के भरोसे का प्रमाण बताया। उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद भी दिया।

एलआईसी ने बढ़ाई हिस्सेदारी

बैंक द्वारा जुटाए इस फंड से एसबीआई का CET-1 कैपिटल बफर 10.81% से बढ़कर 11.5% हो जाएगा, जिससे रिटेल, एमएसएमई और कॉर्पोरेट क्रेडिट के लिए बैंक की कर्ज देने की क्षमता बढ़ेगी। एक अन्य फाइलिंग में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने बताया कि उसने QIP के जरिये एसबीआई में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 9.21% से 9.49% कर ली है। बैंक के बोर्ड ने पहले ही वित्त वर्ष 2025-26 में 3 अरब डॉलर (लगभग ₹25,000 करोड़) तक की प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए पूंजी जुटाने को मंजूरी दे दी थी। 

साथ ही एसबीआई को ₹20,000 करोड़ अतिरिक्त टियर-1 और टियर-2 बॉन्ड्स के माध्यम से भी पूंजी जुटाने की मंजूरी मिल चुकी है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीय स्टेट बैंक का स्टैंडअलोन मुनाफा 16% बढ़कर ₹70,901 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष ₹61,077 करोड़ था। बैंक ने FY25 के लिए प्रति शेयर ₹15.90 का डिविडेंड भी घोषित किया है।

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