भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी SEBI ने शुक्रवार को ड्रोन आचार्य एरियल इनोवेशन लिमिटेड यानी DAIL, इसके प्रमोटर्स और कुछ संबंधित व्यक्तियों को दो साल तक प्रतिभूति बाजार में कारोबार करने से प्रतिबंधित कर दिया। साथ ही,आईपीओ फंड के गलत उपयोग और झूठे कॉरपोरेट खुलासों के आरोप में कुल 75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। पीटीआई की खबर के मुताबिक, प्रतीक श्रीवास्तव (प्रमोटर और MD) पर ₹20 लाख, निकीता श्रीवास्तव (प्रमोटर और CFO) पर ₹20 लाख, DAIL, इंस्टाफिन फाइनेंशियल एडवाइजर्स LLP, संदीप घाटे प्रत्येक पर ₹10 लाख और माइक्रो इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड पर ₹5 लाख जुर्माना लगाया।
IPO और निवेशकों के फंड का दुरुपयोग
DAIL ने ₹33.96 करोड़ का IPO जारी किया और 23 दिसंबर 2022 को इसे BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट किया। सेबी की 105-पन्नों की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि लिस्टिंग के बाद कंपनी और उसके प्रमोटर्स ने निवेशकों को आकर्षित करने और शेयर की कीमत को कृत्रिम रूप से बनाए रखने के लिए भ्रामक और झूठी कॉरपोरेट घोषणाएं कीं। राजस्व और मुनाफा बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया। आईपीओ में जुटाए गए फंड का इस्तेमाल प्रॉस्पेक्टस में बताए गए उद्देश्य से भिन्न तरीके से किया, और इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी नहीं ली।
वित्तीय रिपोर्टिंग में गड़बड़ी
कंपनी ने Triconix और IRed से हुई आय शामिल करके वित्तीय विवरणों में मुनाफा बढ़ाया। प्रॉस्पेक्टस में सॉफ्टवेयर और एक्सेसरीज़ के विवरण में गलत या अधूरी जानकारी दी। IPO फंड के विचलन की सही जानकारी शेयरधारकों को नहीं दी।
संबंधित संस्थानों की भूमिका
इंस्टाफिन फाइनेंशियल एडवाइजर्स एलएलपी और संदीप घाटे ने DAIL और प्रमोटर्स की गतिविधियों में मदद की। माइक्रो इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड ने बढ़ी हुई इनवॉइस देकर IPO फंड के गलत उपयोग और वित्तीय आंकड़ों में हेरफेर में योगदान किया। DAIL, प्रतीक श्रीवास्तव, निकिता श्रीवास्तव, इंस्टाफिन फाइनेंशियल एडवाइजर्स एलएलपी, संदीप घाटे पर 2 साल के लिए बाजार से बैन किया। इसके अलावा, माइक्रो इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड पर 1 साल का प्रतिबंध लगाया है। SEBI ने DAIL के वित्तीय वर्षों 2022-23 और 2023-24 के दौरान किए गए लेन-देन और IPO फंड के उपयोग की विस्तृत जांच की।
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