1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बाजार
  4. अगले सप्ताह शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना, जानें एक्सपर्ट की और क्या है ओपिनियन

अगले सप्ताह शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना, जानें एक्सपर्ट की और क्या है ओपिनियन

भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी टैरिफ के चलते शेयर बाजार में काफी उठापटक देखने को मिल सकता है।

हाल के सत्र में आईटी शेयरों पर एआई से जुड़े व्यवधान और मार्जिन दबाव का असर दिखा।- India TV Hindi
Image Source : PTI हाल के सत्र में आईटी शेयरों पर एआई से जुड़े व्यवधान और मार्जिन दबाव का असर दिखा।

अगले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़ों, मासिक एफएंडओ (F&O) एक्सपायरी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ फैसले के बाद वैश्विक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे। विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी निवेशकों की ट्रेडिंग गतिविधियां, अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और वैश्विक मौद्रिक संकेत भी बाजार की चाल को प्रभावित करेंगे।

घरेलू आंकड़ों पर निवेशकों की नजर

रेलिगेयर ब्रोकिंग के एसवीपी (रिसर्च) अजीत मिश्रा का कहना है कि 24 फरवरी को होने वाली मासिक एफएंडओ एक्सपायरी से बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। साथ ही निवेशक जीडीपी आंकड़े, सरकारी बजट, विदेशी मुद्रा भंडार और बुनियादी ढांचा उत्पादन (साल-दर-साल) जैसे महत्वपूर्ण डेटा पर भी ध्यान देंगे।

ट्रंप के टैरिफ फैसले का असर

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप द्वारा जारी नए कार्यकारी आदेश और टैरिफ ढांचे में बदलाव से वैश्विक जोखिम भावनाओं पर असर पड़ेगा। ट्रंप ने शुक्रवार को भारत समेत कई देशों पर 150 दिनों के लिए 10% टैरिफ लगाया, जिसे अगले ही दिन बढ़ाकर 15% कर दिया गया। इस कदम ने वैश्विक व्यापार तनाव और संभावित आर्थिक प्रभावों को बढ़ा दिया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए व्यापक टैरिफ अवैध थे और राष्ट्रपति ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर कदम उठाया। यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के आर्थिक एजेंडे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

वैश्विक कारक और जीडीपी डेटा

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि निवेशक अमेरिका-ईरान संबंधों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक मौद्रिक संकेतों पर नजर रखेंगे। साथ ही भारत की आगामी जीडीपी रिपोर्ट भी बाजार के रुझान और कंपनियों की कमाई के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।

पिछले सप्ताह का बाजार प्रदर्शन

बीएसई सेंसेक्स 30 शेयरों वाला इंडेक्स 187.95 अंक (0.22%) बढ़कर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 100.15 अंक (0.39%) की तेजी रही। नायर के अनुसार, सप्ताह के दौरान बाजार भावनाएं सावधानी और आशावाद के बीच झूलती रहीं। बैंकिंग, वित्तीय, पावर और चुनिंदा एफएमसीजी शेयरों में मजबूत खरीदारी ने वैश्विक अनिश्चितताओं के असर को संतुलित किया।

आईटी शेयरों पर एआई से जुड़े व्यवधान और मार्जिन दबाव का असर दिखा, लेकिन लार्जकैप शेयरों में मजबूती और भारत की वैश्विक पहल में भागीदारी ने बाजार को सकारात्मक रुख के साथ बंद होने में मदद की। विश्लेषकों का कहना है कि निकट भविष्य में बाजार सीमित दायरे (range-bound) में रह सकता है, जहां लिक्विडिटी फ्लो और वैश्विक जोखिम भावना प्रमुख ट्रिगर बने रहेंगे।

Latest Business News