ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में हुई बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला और सोमवार को घरेलू शेयर बाजार पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है। एक्सपर्ट्स ने कहा कि पश्चिम एशिया से जुड़े घटनाक्रमों के अलावा कच्चे तेल की कीमतें भी इस हफ्ते बाजार की दिशा तय करेंगी। इस हफ्ते मंगलवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के कारण बाजार बंद रहेंगे। ईरान के एक सीनियर अधिकारी ने रविवार को कहा कि अमेरिकी पक्ष की अत्यधिक मांगों के कारण बातचीत बिना किसी समझौते के ही खत्म हो गई।
पिछले हफ्ते बाजार में दिखी जोरदार तेजी
हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि कूटनीति कभी खत्म नहीं होती। अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान द्वारा अपने परमाणु कार्यक्रम से पीछे न हटने के कारण शांति समझौता नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अमेरिकी पक्ष ने अपना अंतिम और सर्वोत्तम प्रस्ताव रखा था, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया। वहीं, ईरानी पक्ष ने कहा कि कुछ मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन 2-3 महत्वपूर्ण विषयों पर मतभेद बने रहे। पिछले हफ्ते अमेरिका-ईरान के बीच संघर्ष विराम और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद बाजार में जोरदार तेजी आई थी। कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया था। इस दौरान बीएसई सेंसेक्स 4,230.7 अंक और एनएसई निफ्टी 1,337.5 अंक चढ़ा था।
सोमवार को गिरावट के साथ खुल सकते हैं घरेलू शेयर बाजार
लाइवलॉन्ग वेल्थ के रिसर्च एनालिस्ट हरिप्रसाद के ने कहा कि निफ्टी-50 इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। 24,000 अंक के स्तर को फिर से हासिल करने के बाद बाजार में सतर्क आशावाद दिख रहा था, लेकिन बातचीत असफल होने से निकट अवधि का परिदृश्य बदल गया है। उन्होंने कहा, ''बिना किसी समाधान के बातचीत खत्म होने से बाजार में फिर से उतार-चढ़ाव बढ़ने की आशंका है, जैसा संघर्ष के शुरुआती चरणों में देखा गया था।'' उन्होंने कहा कि सोमवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ खुल सकते हैं।
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