1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बाजार
  4. शेयर बाजार पर भारत-पाकिस्तान टेंशन का क्या होगा असर, जारी रहेगी तेजी या लगेगा झटका?

शेयर बाजार पर भारत-पाकिस्तान टेंशन का क्या होगा असर, जारी रहेगी तेजी या लगेगा झटका?

मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि भारत और पाकिस्तान में तनाव और टैरिफ वॉर की वजह से निवेशक शेयरों पर बड़ा दांव नहीं लगा रहे हैं।

Share Market Outlook - India TV Hindi
Image Source : INDIA TV शेयर बाजार

Share Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते शानदार तेजी रही थी। बीएसई सेंसेक्स 1,289.46 अंक चढ़ा था। ऐसे में सोमवार से शुरू हो रहे सप्ताह में शेयर बाजार की चाल कैसी रहेगी? क्या तेजी जारी रहेगी या भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात का असर होगा और बाजार में गिरावट आएगी। रेलिगेयर ब्रोकिंग लि.के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजित मिश्रा ने कहा कि कई वैश्विक और घरेलू घटनाक्रमों की वजह से यह सप्ताह महत्वपूर्ण रहेगा। निवेशकों की निगाह टैरिफ वॉर और भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव से संबंधित घटनाक्रमों पर रहेगी। वृहद आर्थिक मोर्चे पर निवेशक एचएसबीसी कंपोजिट पीएमआई और सेवा पीएमआई आंकड़ों पर नजर रखेंगे। वैश्विक मोर्चे पर, फेडरल रिजर्व के सात मई को घोषित होने वाले ब्याज दर के निर्णय पर सभी की निगाह रहेगी। ये सारे घटानाक्रम बाजार पर असर डालेंगे। 

कैसी रहेगी बाजार की चाल?

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के प्रमुख-शोध, संपदा प्रबंधन सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि कुल मिलाकर हम उम्मीद करते हैं कि बाजार पॉजिटिव सेंटिमेंट के साथ एक व्यापक दायरे में रहेगा। बाजार में शेयर-विशिष्ट गतिविधियों का असर देखने को मिलेगा। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव के कारण कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। 

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि.के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि पहली तिमाही में अमेरिका की जीडीपी की वृद्धि में आई गिरावट ने अनिश्चितता को बढ़ा दिया है। इस सप्ताह की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के दौरान ब्याज दर और महंगाई पर फेडरल रिजर्व प्रमुख की टिप्पणियों पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। पिछले 12 कारोबारी सत्रों में एफआईआई खरीदार बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि एफआईआई रणनीति में इस बदलाव के पीछे दो प्रमुख कारक हैं। पहला, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जवाबी शुल्क पर 90 दिन की रोक की घोषणा से वैश्विक बाजारों में सुधार हुआ है। इस सुधार में भी भारत का प्रदर्शन अन्य देशों से बेहतर रहा है। दूसरी वजह डॉलर की कमजोरी है। 11 जनवरी को डॉलर इंडेक्स 111 पर था जो अब घटकर 99 पर आ गया है। इससे उभरते बाजारों, विशेष रूप से भारत में एफआईआई प्रवाह बढ़ा है।

ये फैक्टर भी मार्केट पर डालेंगे असर

स्थानीय शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह अमेरिकी केंद्रीय बैंक के ब्याज दर पर निर्णय, विदेशी संस्थागत निवेशकों की कारोबारी गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर भी निवेशकों की निगाह रहेगी। अमेरिका के साथ संभावित व्यापार समझौते की उम्मीदों और एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशकों) के निरंतर प्रवाह की वजह से पिछले सप्ताह स्थानीय बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए।

ये कंपनियां जारी करेंगी रिजल्ट 

सप्ताह के दौरान महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोल इंडिया, एशियन पेंट्स, लार्सन एंड टुब्रो और टाइटन सहित कई बड़ी कंपनियां अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करेंगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर शुल्क और व्यापार से संबंधित घटनाक्रमों पर निवेशकों की निगाह रहेगी। लेमन मार्केट्स डेस्क के विश्लेषक गौरव गर्ग ने कहा कि अमेरिका में संभावित मंदी और भारत तथा पाकिस्तान के बीच सीमा पर चल रहे तनाव की चिंताओं ने भी बाजार के ‘मूड’ को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव के बीच निकट भविष्य में घरेलू बाजार में सतर्कता रहने की उम्मीद है।

हालांकि, फिलहाल तेज गिरावट की आशंका नहीं है। वैश्विक स्तर पर, अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव में कमी और कमजोर अमेरिकी डॉलर को भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए मध्यम अवधि में सकारात्मक माना जा रहा है। 

Latest Business News