Save Your Tax: टैक्स बचाने के लिए नहीं हों परेशान, ये हैं टैक्स सेविंग के 10 नायाब तरीके
इंडिया टीवी पैसा की टीम आपको बताने जा रही है टैक्स सेविंग के ऐसे ही 10 नायाब तरीके जो न सिर्फ आपका टैक्स बचाएंगे वहीं बचत भी करेंगे।

नेशनल सेविंग सार्टिफिकेट
नेशनल सेविंग सार्टिफिकेट एक निवेश का एक बेहतर जरिया है। इसे हम एक तरह का फिक्स डिपॉजिट मान सकते हैं। इसमें पांच साल का लॉक इन पीरिएड होता है। सरकार ने फिलहाल नेशनल सेविंग सार्टिफिकेट के लिए 8.5 फीसदी का ब्याज निर्धारित किया है। इसमें छमाही आधार पर ब्याज जोड़ा जाता है। ऐसे में चक्रवृद्धि ब्याज के रूप में रिटर्न भी अच्छा मिलता है। इस निवेश की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप इसके साथ 1.5 लाख रुपए तक का टैक्स रिबेट भी हासिल कर सकते हैं।
यूलिप
डिस्ट्रीब्यूटर्स और इंश्योरेंस कंपनियों की कोशिशों के बावजूद यूलिप पर एक्सपर्ट्स की राय में ज्यादा बदलाव नहीं आया है। इन्वेस्टर्स अभी भी इन्हें बेहद महंगा मान रहे हैं और फाइनैंशल अडवाइजर्स लगातार इन्हें होल्ड किए हुए हैं। हालांकि बीते समय में यूलिप ने क्या रिटर्न दिया, यह उसे भूलने का वक्त है। बीमा कंपनियों के लॉन्च किए जाने वाले नए यूलिप कम लागत वाले हैं। इससे इन्वेस्टर्स को अच्छा रिटर्न मिल रहा है। मॉर्निंगस्टार के आंकड़े बताते हैं कि अग्रेसिव यूलिप प्लान्स ने गुजरे एक साल में 20 पर्सेंट से ज्यादा रिटर्न दिया है। हालांकि यह इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के इन्वेस्टर्स को मिले 30-35 पर्सेंट के रिटर्न के मुकाबले बहुत अच्छा तो नहीं ही है।
सीनियर सिटिजंस सेविंग्स स्कीम
स्मॉल सेविंग्स पर इंटरेस्ट रेट में कटौती की गई है, लेकिन सीनियर सिटिजंस सेविंग्स स्कीम को इससे बाहर रखा गया है। यह स्कीम 8.3 पर्सेंट का रिटर्न दे रही है और यह रिटायर्ड लोगों के लिए सबसे अच्छा विकल्प है। इस स्कीम की अवधि पांच साल है, जिसे और तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। हालांकि इसमें प्रति व्यक्ति 15 लाख रुपये के कुल इंवेस्टमेंट की सीमा है। यह स्कीम केवल 60 वर्ष से ऊपर के इन्वेस्टर्स के लिए है। कुछ मामलों में इन्वेस्टर के जल्दी रिटायरमेंट लेने और कोई अन्य नौकरी न करने पर न्यूनतम आयु घटाकर 55 साल की जाती है।
जीवन बीमा
लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी टैक्स सेविंग ऑप्शंस की हमारी रैंकिंग में काफी नीचे आती हैं। लाइफ इंश्योरेंस किसी भी फाइनैंशल प्लानिंग का एक जरूरी हिस्सा है क्योंकि यह संबंधित शख्स के न रहने पर उसके सभी फाइनैंशल गोल्स को सुरक्षित करता है। लेकिन, इस मकसद के लिए टर्म इंश्योरेंस लेना चाहिए। हमें ऐसी पारंपरिक महंगी पॉलिसी नहीं खरीदनी चाहिए जो कि निश्चित अंतराल पर मनी बैक करती है या मैच्योरिटी पर बड़ा अमाउंट देती है। ट्रडिशनल पॉलिसी का रिटर्न बमुश्किल 4-5 पर्सेंट की बैठता है, लेकिन इन्वेस्टर्स इनकी ओर आकर्षित काफी होते हैं क्योंकि एजेंट आपको एक ऊंचा मच्योरिटी आंकड़ा देकर लुभाता है। इन्वेस्टर को यह पता नहीं चलता कि पैसे की एक टाइम वैल्यू होती है।