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ITR-3 फॉर्म अब ऑनलाइन उपलब्ध, जानें किस तरह के इनकम वाले करदाता भर सकते हैं रिटर्न

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 30 जुलाई 2025 को घोषणा करते हुए कहा कि करदाताओं कृपया ध्यान दें! ITR-3 फॉर्म अब ऑनलाइन फाइलिंग के लिए उपलब्ध है।

कैपिटल गेन की रिपोर्टिंग अब दो हिस्सों में होगी।- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK कैपिटल गेन की रिपोर्टिंग अब दो हिस्सों में होगी।

अगर आप उन करदाताओं में से हैं जिनकी आय जिनकी आय व्यापार, पेशा, फ्यूचर्स और ऑप्शंस (एफएंडओ), अनलिस्टेड शेयर्स, या दूसरे स्रोतों से है तो आपके लिए जरूरी खबर है। आप अब आयकर पोर्टल के जरिए ITR-3 फाइल कर सकते हैं। आयकर विभाग ने ITR-3 फॉर्म की ऑनलाइन फाइलिंग की सुविधा चालू कर दी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 30 जुलाई 2025 को घोषणा करते हुए कहा कि करदाताओं कृपया ध्यान दें! ITR-3 फॉर्म अब ऑनलाइन फाइलिंग के लिए उपलब्ध है।

ITR-3 फॉर्म कौन भर सकता है?

  • आकलन वर्ष 2025–26 (वित्त वर्ष 2024–25) के लिए ITR-3 उन व्यक्तियों या हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) द्वारा भरा जा सकता है जिनकी आय नीचे दिए गए स्रोतों से आती है:
  • वे जो व्यवसाय या पेशे में संलग्न हैं
  • शेयर ट्रेडिंग या F&O से आय (स्पेक्युलेटिव या नॉन-स्पेक्युलेटिव)
  • अनलिस्टेड इक्विटी शेयर्स में निवेश
  • फर्म में पार्टनर के रूप में आय
  • वेतन, पेंशन, हाउस प्रॉपर्टी या अन्य स्रोतों से आय
  • विदेशों से आय या विदेशी संपत्ति
  • जिनकी कुल आय ₹50 लाख से अधिक है
  • जो ITR-1, ITR-2 या ITR-4 भरने के पात्र नहीं हैं

ITR-3 फॉर्म में हुए प्रमुख बदलाव 

  • कैपिटल गेन की रिपोर्टिंग अब दो हिस्सों में होगी – 23 जुलाई 2024 से पहले और बाद के अनुसार
  • शेयर बायबैक से हुए नुकसान की रिपोर्टिंग तभी मान्य होगी जब उससे जुड़ी डिविडेंड आय ‘अन्य स्रोतों’ में दर्ज हो (1 अक्टूबर 2024 से प्रभावी)
  • संपत्ति और देनदारियों की रिपोर्टिंग सीमा ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1 करोड़ की गई
  • सेक्शन 44BBC जोड़ा गया – क्रूज़ ऑपरेशन पर अनुमानित कर व्यवस्था
  • धारा 80C, 10(13A) जैसी कटौतियों की विस्तृत रिपोर्टिंग
  • TDS की रिपोर्टिंग में कोड जोड़ना अनिवार्य हुआ

नई टैक्स व्यवस्था के मुताबिक, अगर आपकी कर योग्य आय ₹12 लाख प्रति वर्ष है, तो अब आपको कोई आयकर नहीं देना है। नई कर व्यवस्था के तहत, धारा 87A के तहत बढ़ी हुई छूट के कारण, सालाना ₹12 लाख तक कमाने वाले व्यक्तियों पर कोई कर देयता नहीं होगी।

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