देश की राजधानी दिल्ली में कारोबार करने वाले तमाम व्यापारियों के लिए एक बेहद अच्छी खबर आई है। लंबे समय से जीएसटी रिफंड का इंतजार कर रहे दिल्ली के व्यापारियों को इस बार दीपावली से पहले ही पैसे वापस मिल जाएंगे। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को 2019 से पेंडिंग लगभग 1600 करोड़ रुपये का माल एवं सेवा कर (GST) रिफंड व्यापारियों को दीपावली से पहले जारी करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को सिविल लाइंस स्थित अपने कैंप कार्यालय में जीएसटी डिपार्टमेंट की एक विशेष मीटिंग बुलाई, जिसमें जीएसटी कमिश्नर नंदिनी पालीवाल, वित्त सचिव शूरवीर सिंह और विभाग के अन्य सीनियर अधिकारी मौजूद थे।
पिछली सरकार ने पेंडिंग जीएसटी रिफंड के सेटलमेंट के लिए नहीं उठाए थे ठोस कदम
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दावा किया कि पिछली (आम आदमी पार्टी सरकार) सरकार 1600 करोड़ रुपये के इस पेंडिंग जीएसटी रिफंड के निपटान के लिए कोई ठोस उपाय करने में विफल रही। सीएम ने निर्देश दिया कि दीपावली से पहले व्यापारियों को पूरी रिफंड राशि वितरित की जाए। उन्होंने कहा कि रिफंड प्रक्रिया को तेज और ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए दिल्ली जीएसटी डिपार्टमेंट ने आईआईटी-हैदराबाद की मदद से एक एडवांस आईटी मॉड्यूल डेवलप किया है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को ये सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि सभी पेंडिंग, निर्विवाद और वास्तविक रिफंड आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर नियमों के अनुसार सख्ती से निपटारा किया जाए।
दिल्ली में होने वाली है जीएसटी काउंसिल की अहम मीटिंग
बताते चलें कि 3 और 4 सितंबर को दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की एक अहम और महत्वपूर्ण मीटिंग होने जा रही है। इस मीटिंग में GST के मौजूदा 4 स्लैब से घटाकर 2 स्लैब पर लाने के प्रस्ताव पर फैसला किया जाएगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस मीटिंग की अध्यक्षता करेंगी। केंद्र सरकार ने जीएसटी के सिर्फ 2 स्लैब- 5% और 18% ही रखने का प्रस्ताव रखा है। ‘मेरिट’ श्रेणी के उत्पादों एवं सेवाओं पर 5 प्रतिशत और ‘मानक’ श्रेणी वाले उत्पादों एवं सेवाओं पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। इसके अलावा कुछ विलासिता और नुकसानदेह उत्पादों के लिए 40 प्रतिशत जीएसटी का एक अलग स्लैब बनाने का भी प्रस्ताव है।
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