इनकम टैक्स डिपार्टमेंट यानी आयकर विभाग ने बुधवार को कहा कि विवाद से विश्वास समाधान योजना का लाभ आगामी 30 अप्रैल तक उठाया जा सकता है। विभाग ने कहा कि इच्छुक करदाताओं को इस तय डेडलाइन तक घोषणा पत्र दाखिल करना होगा। पीटीआई की खबर के मुताबिक, यह पहली बार है जब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 1 अक्टूबर, 2024 को शुरू की गई योजना के तहत घोषणा पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख नोटिफाई की है।
कौन से करदाता उठा सकेंगे फायदा
खबर के मुताबिक, आयकर विभाग ने एक पोस्ट में कहा कि सीबीडीटी 30. 04. 2025 को आखिरी तारीख के रूप में अधिसूचित करता है, जिस दिन या उससे पहले प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास योजना, 2024 के तहत कर बकाया के संबंध में घोषणाकर्ता द्वारा नामित प्राधिकारी को घोषणा पत्र दाखिल किया जा सकता है। इस योजना का लाभ वे करदाता उठा सकते हैं जिनके पास विवाद/अपील हैं, जिनमें रिट और विशेष अनुमति याचिकाएं (अपील) शामिल हैं, चाहे वे करदाता या कर अधिकारियों द्वारा दायर की गई हों, जो 22 जुलाई, 2024 तक सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालयों, आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण, आयुक्त/संयुक्त आयुक्त (अपील) के समक्ष लंबित हैं।
2.7 करोड़ डायेक्ट टैक्स डिमांड हैं विवादित
विभाग ने बताया कि लगभग 2.7 करोड़ डायेक्ट टैक्स डिमांड, जिनकी कुल राशि लगभग 35 लाख करोड़ रुपये है, विभिन्न कानूनी मंचों पर विवादित हैं। बता दें, बजट 2024-25 में 23 जुलाई को विवाद से विश्वास योजना, 2024 की घोषणा की गई थी और 1 अक्टूबर, 2024 को इस योजना का लाभ उठाने की शुरुआत की तिथि के तौर पर अधिसूचित किया गया था। इस योजना का लाभ उठाने वाले करदाताओं को विवादित कर मांग का 110 प्रतिशत भुगतान करना होगा।
विवाद से विश्वास योजना 2.0 का मकसद लंबित आयकर मुकदमेबाजी को सुलझाने की प्रक्रिया को सरल बनाना है। यह पात्र करदाताओं को उनके बकाया बकाए का एक निश्चित हिस्सा देकर अपने टैक्स विवादों को निपटाने की अनुमति देता है।
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