अकाली दल के सीनियर लीडर और पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। मजीठिया के खिलाफ 25 जून 2025 को जो FIR दर्ज की गई थी, इस मामले में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने चार्जशीट दाखिल की है। मजीठिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(e) और 13(2) के साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B लगाई गई है, चार्जशीट दाखिल होने पर आम आदमी पार्टी को मजीठिया पर अटैक करने का मौका मिल गया।
मजीठिया पर AAP ने लगाए गंभीर आरोप
आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि मजीठिया ने नशे के काले कारोबार के जरिए 736 करोड़ रुपये अपनी कंपनियों के बैंक खातों में जमा कराए थे। पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि चार्जशीट में बिक्रम मजीठिया के अलावा गज्जपत सिंह ग्रेवाल और हरप्रीत गुलाटी का नाम भी शामिल है।
मजीठिया के खिलाफ मामले में दाखिल गई चार्जशीट
आम आदमी पार्टी कह रही है कि ड्रग्स के मामले में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जबकि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में आज सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। ये पूरा मामला साल 2007 से 2017 के बीच का है। इसके तहत पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून 2025 को मजीठिया के खिलाफ FIR नंबर 22 दर्ज की थी और उन्हें गिरफ्तार किया था।
मजीठिया ने आरोपों को किया खारिज
22 अगस्त 2025 को विजिलेंस ने करीब 40 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 700 करोड़ रुपये के लेन-देन की बात कही गई थी। हालांकि, मजीठिया को 2 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट से नियमित जमानत मिल गई थी। अब वो रेगुलर बेल पर जेल से बाहर हैं। मजीठिया का कहना है कि वो आम आदमी पार्टी की पोल खोल रहे हैं इसलिए उनपर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
मजीठिया ने भगवंत मान को दिया खुला चैलेंज
बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि भगवंत मान को मेरा खुला चैलेंज है। ड्रग्स मामले में मेरे खिलाफ एक भी चार्जशीट पेश नहीं की गई है। कुछ चुनिंदा अफसरों के जरिए मुझे चुप कराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन मजीठिया चुप नहीं होगा। DA केस में भी सच्चाई की ही जीत होगी। मुझे अदालत पर पूरा भरोसा है। मैं पंजाब के लोगों से कहना चाहता हूं कि बीजेपी और अकाली दल के बीच गठबंधन हो या न हो, लेकिन बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है। इस मुद्दे पर बार-बार बयान दिए जा रहे हैं।
अफसरों को भी मजीठिया ने दी चेतावनी
उन्होंने आगे कहा कि दलजीत सिंह और परविंदर झोटा का मामला गरमाया हुआ है। इससे घबराए हुए लोगों ने नया ड्रामा शुरू कर दिया है। जो अफसर सरकार के साथ मिलकर सियासी रोटियां सेंक रहे हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि कोई भी सरकार हमेशा सत्ता में नहीं रहती। संविधान के दायरे में रहकर काम करें, वरना सभी की जवाबदेही तय होगी।
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