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सगी बहनें साथ आईं, साथ ही चली गईं... बद्रीनाथ तप्त कुंड का दिल दहला देने वाला हादसा, डुबकी लगाते दोनों की मौत

बद्रीनाथ धाम के तप्त कुंड में शुक्रवार सुबह स्नान के दौरान राजस्थान के भीलवाड़ा की रहने वाली 2 बुजुर्ग महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। दोनों बहनें रामू देवी और प्रेम देवी संकल्प कर डुबकी लगा रही थीं। इस दौरान वे बेहोश हो गई थीं।

बद्रीनाथ तप्त कुंड...- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT बद्रीनाथ तप्त कुंड में स्नान करते 2 सगी बहनों की दर्दनाक मौत।

उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम के तप्त कुंड में स्नान करते समय 2 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। दोनों महिलाएं भीलवाड़ा जिले के मांडल क्षेत्र के कराड़िया व दाता गांव की रहने वाली सगी बहनें थीं। मृतक दोनों बहनों ने संकल्प के तहत डुबकी लगा रही थीं, तभी बेहोश होकर कुंड में गिर गईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृत महिलाओं की पहचान भीलवाड़ा जिले के कबराडिया गांव निवासी 73 साल की रामु देवी पत्नी अमरचंद शर्मा और दाता गांव निवासी 71 साल की प्रेम देवी पत्नी मदन शर्मा के रूप में हुई हैं।

108 डुबकी लगाने का था संकल्प

बता दें कि राजस्थान से 100 से ज्यादा श्रद्धालुओं का एक जत्था 4 सितंबर से बद्रीनाथ धाम में है। यह दल यहां कथा का आयोजन भी कर रहा था। शुक्रवार को चार महिला श्रद्धालु 108 डुबकी लगाने के संकल्प के साथ तप्त कुंड में स्नान करने पहुंची थीं। डुबकी लगाते समय रामु देवी और प्रेम देवी अचानक बेहोश हो गईं। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें कुंड से बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी है।

कुंड में स्नान कर रहीं भगवती देवी और सोहनी देवी स्वस्थ हैं। बताया गया कि श्रद्धालु रोज तप्त कुंड में स्नान करने के बाद भगवान बद्रीविशाल के दर्शन करते थे। घटना के समय मृत महिलाओं के परिवार के सदस्य मंदिर में दर्शन के लिए गए हुए थे।

सुबह 5 बजे की घटना

बद्रीनाथ थाना प्रभारी महादेव उनियाल ने बताया कि यह हादसा शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे हुआ, जब दोनों महिलाएं तप्त कुंड में स्नान कर रही थीं। दोनों कुंड के अंदर बेहोश हालत में मिलीं। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टर ने दोनों महिलाओं को मृत घोषित कर दिया। जैसे ही दोनों सगी बहनों की मौत की सूचना गांव में फैली गांव में शोक की लहर छा गई। दोनों परिवारों के लोग हरिद्वार के लिए रवाना हो गए। कल शनिवार को हरिद्वार में ही दोनों बहनों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

मौत की वजह क्या?

पुलिस और रिपोर्ट्स के अनुसार, ये महिलाएं तप्त कुंड में 108 बार डुबकी लगाने के संकल्प के साथ स्नान कर रही थीं। लगातार और जल्दी-जल्दी डुबकी लगाने के कारण सांस फूलने, ऑक्सीजन की कमी और घबराहट से वे बेहोश होकर कुंड में गिर गई थीं।परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाने से मन कर दिया और शवों को अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले जाने की अनुमति मांगी।

4 सितंबर से लगातार डुबकी लगा रही थीं दोनों बहनें

मतृका रामू देवी 20 वर्ष से लगातार बद्री विशाल जाती थी। रामू देवी के दामाद विष्णु डोलिया ने बताया, ''4 सितंबर से मांडल विधानसभा क्षेत्र के भगवानपुरा गांव निवासी पंडित सुरेश शास्त्री बद्री विशाल में पहली भागवत कथा कर रहे हैं। इस कथा को सुनने भीलवाड़ा जिले से काफी भक्त बद्री विशाल पहुंचे हैं। मेरी सासू मां रामू देवी और उनकी छोटी बहन मेरी मासी सास प्रेमी देवी भी कथा सुनने बद्री विशाल पहुंची थी। 4 सितंबर से दोनों बहनें लगातार सुबह हल्के गर्म पानी के कुंड में डुबकी लगाकर बद्री विशाल के दर्शन करने के बाद कथा सुनती हैं।''

उन्होंने बता कि शुक्रवार सुबह अचानक गर्म पानी के कुंड में डुबकी लगाते समय दोनों बहनों की मौत हो गईं। दोनों के शवों को शनिवार हरिद्वार लाए जाएंगे और वहीं अंतिम संस्कार किया जाएगा।

(रिपोर्ट- सोमदत्त त्रिपाठी)

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