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12 जुलाई को किया जाएगा प्रदोष और मासिक शिवरात्रि का व्रत, जानें मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

रविवार को मासिक शिवरात्रि और रवि प्रदोष का व्रत किया जाएगा। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं 12 जुलाई 2026 का पूरा पंचांग।

आज का दैनिक पंचांग- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV आज का दैनिक पंचांग

12 जुलाई को आषाढ़ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि और रविवार का दिन है। त्रयोदशी तिथि रविवार को रात 10 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। 12 जुलाई को रात 8 बजकर 6 मिनट तक वृद्धि योग रहेगा। साथ ही रविवार को सुबह 8 बजकर 29 मिनट तक रोहिणी नक्षत्र रहेगा, उसके बाद मृगशिरा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 12 जुलाई को रवि प्रदोष व्रत और मास शिवरात्रि व्रत है। आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते रविवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

12 जुलाई 2026 का पंचांग

  • आषाढ़ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि- 12 जुलाई 2026 को  त्रयोदशी तिथि आज रात 10 बजकर 31 मिनट तक रहेगी
  •  वृद्धि योग- 12 जुलाई 2026 को रात 8 बजकर 6 मिनट तक 
  • रोहिणी नक्षत्र- 12 जुलाई 2026 को  सुबह 8 बजकर 29 मिनट तक रोहिणी नक्षत्र रहेगा, उसके बाद मृगशिरा नक्षत्र रहेगा
  • 12 जुलाई 2026 विशेष- रवि प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि

12 जुलाई 2026 का शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:42 ए एम से 05:25 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 12:18 पी एम से 01:10 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:56 पी एम से 03:49 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 07:19 पी एम से 07:40 पी एम
  • अमृत काल - 09:55 पी एम से 11:19 पी एम

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- शाम 05:38 - 07:22 PM
  • मुंबई- शाम 05:41 - 07:20 PM
  • चंडीगढ़- शाम 05:43 - 07:28 PM
  • लखनऊ- शाम 05:20 - 07:03 PM
  • भोपाल- शाम 05:28 - 07:09 PM
  • कोलकाता- शाम 04:44 - 06:24 PM
  • अहमदाबाद- शाम 05:47 - 07:28 PM
  • चेन्नई- शाम 05:03 - 06:39 PM

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय 

  • सूर्योदय- सुबह 5: 31 बजे 
  • सूर्यास्त- शाम 7: 21 बजे

प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि

प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है। बता दें कि प्रत्येक महीने के कृष्ण और शुक्ल, दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। जो व्यक्ति भगवान शिव की पूजा आदि करता है और प्रदोष का व्रत रखता है, उसके सभी समस्याओं का समाधान निकलता है।  वहीं हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव को समर्पित मास शिवरात्रि का व्रत किया जाता है। मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से दांपत्य जीवन में खुशियां आती हैं।  साथ ही अविवाहित जातक के विवाह में आ रही अड़चनें दूर हो जाती है ।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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