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Parama Ekadashi 2026: 3 साल बाद आती है परम एकादशी, जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा मंत्र

Parama Ekadashi 2026 Date: परम एकादशी अधिकमास में ही आती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करना अत्यंत ही फलदायी होता है। तो यहां जानिए अधिक परम एकादशी व्रत की डेट, मुहूर्त और मंत्र के बारे में।

परम एकादशी 2026- India TV Hindi
Image Source : PEXELS परम एकादशी 2026

Parama Ekadashi 2026 Date: जैसा कि आप सब जानते हैं कि अभी अधिकमास यानी मलमास चल रहा है। अधिकमास भगवान विष्णु को समर्पित महीना माना जाता है। ऐसे में अधिकमास में आने वाली सभी एकादशी व्रत का विशेष महत्व होता है। अधिक माह में आने वाली परम एकादशी अत्यंत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह एकादशी 3 साल में आती है इसलिए इस दिन व्रत और पूजा करने से भक्तों को पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। परम एकादशी का व्रत अधिक माह के कृष्ण पक्ष की तिथि को रखा जाता है। तो चलिए अब जानते हैं परम एकादशी व्रत की तिथि, शुभ मुहूर्त और मंत्र के बारे में।

परम एकादशी 2026 व्रत डेट

पंचांग के अनुसार, अधिकमास ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 11 जून को मध्यरात्रि 12 बजकर 57 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि का समापन 11 जून को रात 10 बजकर 36 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, परम एकादशी का व्रत 11 जून 2026 को रखा जाएगा। 

परम एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:34 ए एम से 05:17 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 12:12 पी एम से 01:05 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:51 पी एम से 03:44 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 07:15 पी एम से 07:36 पी एम

परम एकादशी 2026  पारण तिथि

  • परम एकादशी पारण तिथि- 12 जून 2026
  • पारण का शुभ समय- 06:00 ए एम से 08:40 ए एम
  • पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय - 07:36 पी एम

विष्णु जी के चमत्कारी मंत्र

  1. विष्णु मूल मंत्र- ॐ नमोः नारायणाय॥

  2. विष्णु भगवते वासुदेवाय मंत्र- ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥

  3. विष्णु गायत्री मंत्र- ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥

  4.  मङ्गलम् भगवान विष्णु मंत्र- मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुडध्वजः। मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥

  5. भगवान विष्णु का मूल मंत्र- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

  6. विष्णु ध्यान मंत्र- शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम् वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥

परम एकादशी व्रत महत्व

परम एकादशी व्रत 3 साल में सिर्फ एक बार आता है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व बाकी एकादशियों से कहीं अधिक माना गया है। इस व्रत को करने से व्यक्ति को कई गुना अधिक फलों की प्राप्ति होती है। व्यक्ति के धन-संपत्ति में बढ़ोतरी होती है और उसकी दरिद्रता हमेशा के लिए दूर हो जाती है। इस दिन तुलसी पूजा का भी विशेष महत्व है। बस ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी में स्पर्श न करें और न ही जल चढ़ाएं। पूजा के लिए तुलसी एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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