Jaya Ekadashi Vrat Niyam: 8 फरवरी 2025 को जया एकादशी का व्रत रखा जाएगा। बता दे कि प्रत्येक महीने में एकादशी दो बार आती है। एक बार कृष्ण पक्ष में और दूसरी बार शुक्ल पक्ष में। कृष्ण पक्ष की एकादशी पूर्णिमा के बाद आती है और शुक्ल पक्ष की एकादशी अमावस्या के बाद आती है। माघ शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को जया एकादशी कहते हैं। शास्त्रों में ये एकादशी बड़ी ही फलदायी बताई गई है। कहते हैं कि एकादशी का व्रत रख विधिपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही एकादशी के दिन लक्ष्मी जी की पूजा करने से घर की धन-संपदा में वृद्धि होती है। वहीं बता दें कि एकादशी व्रत में इन चीजों का सेवन पूरी तरह वर्जित होता है। तो इस दिन इन नियमों का जरूर ध्यान रखें।
एकादशी व्रत में न खाएं ये चीजें
अगर आपने जया एकादशी का व्रत रखा है तो इस दिन अन्न और नमक सेवन गलती से भी न करें। वरना आपका व्रत खंडित हो सकता है। वहीं एकादशी के दिन चावल या चावल से बनी चीजें खाना भी पूरी तरह वर्जित होता है। इसके साथ ही जया एकादशी के दिन भूलकर भी लहसुन, प्याज और मसूर की दाल का सेवन न करें।
जया एकादशी के दिन न करें ये काम
- जया एकादशी के दिन देर तक नहीं सोना चाहिए।
- एकादशी के दिन तामसिक चीजों से दूर रहना चाहिए।
- एकादशी के दिन बाल, नाखून, दाढ़ी न कटवाएं।
- एकादशी के दिन किसी को अपशब्द न कहें और न ही किसी से कोई वाद-विवाद करें।
- एकादशी के दिन चावल या चावल से बनी चीजों का सेवन न करें।
- एकादशी के दिन झूठ बोलने से बचना चाहिए।
- एकादशी के दिन तुलसी को न स्पर्श करें और न ही इसमें जल अर्पित करें।
एकदाशी के दिन क्या करना चाहिए?
- एकादशी के दिन मंदिर और घर को साफ-सुथरा रखें।
- एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें।
- अगर एकादशी का व्रत रखा है तो पूरे दिन नमक और अन्न ग्रहण न करें।
- एकादशी व्रत का पारण दूसरे दिन द्वादशी तिथि में ही करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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