Masik Durga Ashtami 2025: फरवरी में इस दिन रखा जाएगा मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत, जरूर करें इन नियमों का पालन, माता रानी की बरसेगी कृपा
Masik Durga Ashtami 2025: फरवरी में इस दिन रखा जाएगा मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत, जरूर करें इन नियमों का पालन, माता रानी की बरसेगी कृपा
Written By: Vineeta Mandal
Published : Feb 03, 2025 08:31 pm IST,
Updated : Feb 03, 2025 08:31 pm IST
February Durga Ashtami 2025 Vrat Date: फरवरी में इस दिन माघ दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाएगा। हिंदू धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी व्रत का विशेष महत्व होता है। तो आइए जानते हैं मासिक दुर्गाष्टमी व्रत डेट, मुहूर्त और नियम के बारे में।
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मासिक दुर्गाष्टमी 2025
Magh Masik Durga Ashtami 2025: हर महीने की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाता है। इस दिन माता दुर्गा की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। दुर्गाष्टमी का व्रत करने वाले भक्तों पर मां अंबे की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस दिन देवी दुर्गा की उपासना करने से भक्तों की सभी मनोकामना पूरी होती है। साथ ही घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। तो आइए जानते हैं कि फरवरी में मासिक दुर्गा अष्टमी का व्रत कब रखा जाएगा।
फरवरी 2025 मासिक दुर्गाष्टमी व्रत डेट और मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी की तिथि का आरंभ 5 फरवरी 2025 को देर रात 2 बजकर 30 मिनट पर होगा। अष्टमी की तिथि का समापन 6 फरवरी को देर रात 12 बजकर 35 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, माघ मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत 6 फरवरी को रखा जाएगा।
मासिक दुर्गाष्टमी के दिन इन नियम का करें पालन
मासिक दुर्गा अष्टमी के दिन प्रात:काल उठकर स्नान आदि कर लेना चाहिए।
मासिक दुर्गाष्टमी के दिन तामसिक चीजों से दूर रहें। इस दिन केवल सात्विक आहार ही ग्रहण करें।
मासिक दुर्गाष्टमी के दिन झूठ नहीं बोलें और न ही किसी के लिए बुरा सोचना चाहिए।
मासिक दुर्गाष्टमी के दिन बड़े-बुजुर्ग और महिलाओं का अनादर न करें।
मासिक दुर्गाष्टमी के दिन गरीब और जरूरतमंदों को दान करें।
मासिक दुर्गा अष्टमी के दिन मां दुर्गा को फूल, चंदन, रोली, सिंदूर आदि अर्पित करना चाहिए।
मासिक दुर्गा अष्टमी के दिन इन मंत्रों का करें जाप
या देवी सर्वभूतेषु शांतिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्व भूतेषु विद्या रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः।।
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)