निवेश करने वालों के लिए जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड(SEBI) ने डीमैट और म्यूचुअल फंड खातों में नॉमिनी से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। अगर ये नियम लागू होते हैं, तो अब बिना नॉमिनी जोड़े कोई भी नया खाता खोलना संभव नहीं होगा। यानी नॉमिनी को डिफॉल्ट ऑप्शन बनाया जा सकता है।
SEBI के अनुसार, अभी कई निवेशक अपने खातों में नॉमिनी नहीं जोड़ते या पूरी जानकारी नहीं देते। इससे किसी निवेशक की मौत या आपात स्थिति में पैसे का दावा करना काफी मुश्किल हो जाता है। कई मामलों में परिवार के लोगों को लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इन समस्याओं को खत्म करने और प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
क्या है नया प्रस्ताव
SEBI ने अपने परामर्श पत्र में कुछ अहम बदलाव सुझाए हैं:
- खाता खोलते समय नॉमिनी जोड़ना डिफॉल्ट होगा
- नॉमिनी की ज्यादा जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ नाम और संबंध बताना होगा
- पता, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी जानकारी वैकल्पिक होगी
- अब अधिकतम चार नॉमिनी जोड़े जा सकेंगे
- अगर हिस्सेदारी तय नहीं की गई, तो रकम सभी नॉमिनी में बराबर बंटेगी
- अगर कोई नॉमिनी नहीं रखना चाहता, तो उसे लिखित घोषणा देनी होगी
कब तक लागू हो सकते हैं नए नियम
SEBI ने इन प्रस्तावों पर आम लोगों और संबंधित पक्षों से 7 अप्रैल 2026 तक सुझाव मांगे हैं। इसके बाद मिले फीडबैक के आधार पर अंतिम नियम तय किए जाएंगे। इससे पहले जनवरी 2025 में भी नॉमिनी से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए थे, लेकिन कुछ दिक्कतें सामने आने के बाद अब उन्हें और सरल बनाने की तैयारी है।
इन्वेस्टर्स को क्या करना चाहिए
एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों को अपने डीमैट और म्यूचुअल फंड खातों में नॉमिनी जरूर जोड़ना चाहिए। इससे भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है। अगर नए नियम लागू होते हैं, तो निवेश प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और सुरक्षित हो जाएगी।



































