Israel US Iran War Updates LIVE: इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग 19वें दिन में प्रवेश कर गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध के चलते बढ़े तेल की कीमतों पर काबू के लिए सौ साल पुराने जोन्स एक्ट के शिपिंग नियमों से 60 दिनों की छूट दी है। वहीं इस दौरान रूस ने ईरान के बुशहर परमाणु केंद्र पर इजरायल-अमेरिका के हमलों की कड़ी निंदा की है। इस बीच ईरान ने सऊदी अरब पर बड़ा हमला किया है।
ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन ने कहा, "मैं ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले की कड़ी निंदा करता हूं। ऐसे आक्रामक कृत्यों से ज़ायोनी-अमेरिकी शत्रु और उनके समर्थकों को कुछ भी हासिल नहीं होगा। इससे स्थिति और जटिल हो जाएगी और इसके अनियंत्रित परिणाम हो सकते हैं, जिनका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।"
इजरायल और अमेरिका ईरान में जोरदार हमले कर रहे हैं तो वहीं ईरान भी ड्रोन और मिसाइलों से पलटवार कर रहा है। फिलहाल जंग में ईरान को बड़ा झटका लगा है और उसके 2 बड़े सुरक्षा अधिकारी मारे गए हैं। अली लारीजानी के बाद इजरायल ने अब ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब को भी मार गिराने का दावा किया है।
एपी की रिपोर्ट के हवाले यह खबर सामने आ रही है। यह दावा इजरायल के रक्षामंत्री इजराइल कार्ट्ज की ओर से किया गया है। IDF ने इस दौरान हिजबुल्लाह के एक आतंकी को इजरायली सैनिकों पर हमले की योजना बनाने से पहले ढेर कर दिया है। इसकी वीडियो भी जारी किया है।
पीएम मोदी ने की कुवैत के शेख से बात
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, "मैंने कुवैत के क्राउन प्रिंस एचएच शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से फोन पर बात की और आगामी ईद के त्योहार पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशिया की बदलती हुई स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया और हालिया घटनाक्रम को लेकर अपनी चिंताओं को साझा किया। मैंने कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हुए हमलों की भारत की निंदा को दोहराया। होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और स्वतंत्र नौवहन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। हम इस बात पर सहमत हुए कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए निरंतर कूटनीतिक प्रयास और संवाद अत्यंत आवश्यक हैं।मैंने कुवैत में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के लिए उनके निरंतर समर्थन के लिए उनका धन्यवाद किया।"
ईरान ने इजरायली जासूस को दी फांसी
इस बीच ईरान ने इजरायल के लिए जासूसी करने वाले एक जासूस को फांसी के फंदे पर लटका दिया है। तेहरान टाइम्स के अनुसार ईरान के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद इजरायली शासन के एक जासूस को फांसी दे दी गई। फांसी पाने वाले शख्स कुरुश कायवानी ने मोसाद अधिकारियों को ईरान के संवेदनशील स्थलों की तस्वीरें और जानकारी मुहैया कराई थी।
अली लारीजानी ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव थे और गुलाम रजा सुलेमानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की 'बसीज फोर्स' के प्रमुख थे। दोनों लोगों की मौत इजरायल के हमलों में हुई है। अपने सुरक्षा अधिकारियों की मौत के बाद ईरान बुरी तरह भड़क गया है। ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं।
यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ, जब अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ सैन्य और सुरक्षा अधिकारी मारे गए थे। अमेरिका और इजरायल का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट करना, उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को खत्म करना और शासन को कमजोर या उखाड़ फेंकना है।
फिलहाल दोनों पक्षों से हमले लगातार जारी हैं। अमेरिका-इजरायल की ओर से ईरान के सैन्य ठिकानों, नेतृत्व और बुनियादी ढांचे पर लगातार हवाई हमले हो रहे हैं, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल, अमेरिकी सैन्य अड्डों और क्षेत्रीय देशों पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए हैं। ताजा घटनाओं और अपडेट्स के लिए इंडिया टीवी की डिजिटल टीम से जुड़े रहें।