Hartalika Teej 2026 Live: हरतालिका तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा? नोट कर लें पूजा विधि से लेकर आरती तक सबकुछ
सोमवार को हरतालिका तीज का व्रत रखा जाएगा। इस व्रत को करने से पति की आयु लंबी होती है और सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद मिलता है। तो यहां जानिए हरतालिका तीज व्रत की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण जानकारी।

हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि हरतालिका तीज का व्रत करने से अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद मिलता है। इस साल 14 सितंबर 2026 को सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए हरतालिका तीज का व्रत रखेंगी। तो आइए यहां जानते हैं हरतालिका तीज व्रत से जुड़ी संपूर्ण जानकारी।
हरतालिका तीज व्रत 2026 शुभ मुहूर्त
भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का आरंभ 13 सितंबर को सुबह 7 बजकर 8 मिनट पर हो चुका है। तृतीया तिथि का समापन 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 6 मिनट पर होगा। प्रातःकाल हरितालिका पूजा मुहूर्त सुबह 6 बजकर 26 मिनट से सुबह 7 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।
हरतालिका तीज पूजा विधि
- हरतालिका तीज के दिन प्रात:काल उठकर स्नान आदि करें।
- इसके बाद साफ और स्वच्छ वस्त्र पहन लें। इस दिन लाल, पीला और हरा जैसे शुभ रंग के वस्त्र का चुनाव करें।
- अब हरतालिका तीज व्रत का संकल्प लें।
- पूजा स्थान को साफ करें और एक लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।
- मिट्टी या बालू से भगवान शिव, माता पार्वती और श्री गणेश जी की प्रतिमाएं बनाएं और उन्हें चौकी पर स्थापित करें।
- चौकी के पास एक कलश स्थापित करें। कलश में जल, सुपारी, सिक्का डालकर ऊपर से आम के पत्ते रखें और उस पर नारियल रखें।
- सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें। इसके बाद महादेव और माता पार्वती की पूजा आरंभ करें।
- भगवान शिव एवं देवी पार्वती की षोडशोपचार पूजा।
- भगवान शिव का जलाभिषेक करें। महादेव को भस्म, बेलपत्र, धतूरा, जनेऊ और वस्त्र अर्पित करें।
- माता पार्वती को रोली, अक्षत, फल, फूल और सोलह श्रृंगार की सामग्री चढ़ाएं।
- अक्षत और फूल लेकर हरतालिका तीज की व्रत कथा सुनें या पढ़ें।
- कपूर और धूप से भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें। अंत में भूल-चूक के लिए क्षमा प्रार्थना करें।
- हरतालिक तीज के दिन सोने की मनाही होती है। इस दिन रात्रि जागरण का विशेष महत्व है। पूरी रात भजन-कीर्तन करते हुए जागरण करें।
- अगले दिन सुबह स्नान के बाद पुनः पूजा करें और इसके बाद व्रत का पारण करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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Live updates : Hartalika Teej 2026 Live
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September 14, 2026 7:34 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
हरतालिका व्रत का पारण सबसे पहले क्या खाकर करें
हरतालिका व्रत खोलने के लिए सबसे पहले पूजा में चढ़ाए गए भोग भीगे हुए चने या फल का सेवन किया जाता है। कई क्षेत्रों में खीरा खाकर व्रत खोलने की विशेष परंपरा है।
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September 14, 2026 6:54 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
हरतालिका तीज व्रत पारण विधि
हरतालिका तीज व्रत के दिन व्रती महिलाएं सूर्योदय से पहले ही साफ-सफाई कर लें और फिर स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
लाल, पीला और हरे रंग के शुभ कपड़े ही पहनें और पूरे 16 श्रृंगार करें।
इसके बाद गणेश जी, भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा और आरती करें।
माता पार्वती को सिंदूर चढ़ाएं और उसमें से सिंदूर लेकर अपनी मांग में भी लगाएं।
पूजा के समय अर्पित की गई सभी चीजों को हल्के हाथों से हिला दें।
पूजा के बाद रेत या मिट्टी से बनाए गए शिवलिंग, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमाओं का विधिवत विसर्जन करें।
व्रत का पारण करने से पहले घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें।
व्रत खोलने के लिए सबसे पहले पूजा में चढ़ाए गए भोग काले भीगे हुए चने, गुड़ और फल से पारण करें। -
September 14, 2026 5:50 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
हरतालिका तीज व्रत पारण नियम
पारण के दिन भारी, तीखा और मसालेदार भोजन करने से बचें।
व्रत खोलने के बाद पहले जल और फलाहार ही ग्रहण करें। इसके ही बाद पूरा भोजन ग्रहण करें।
हरतालिका तीज व्रत का पारण कभी भी नमक वाली चीजों से नहीं करना चाहिए।
हरतालिका तीज का पारण जल, फल और पूजा के भोग से करना चाहिए। वहीं कई क्षेत्रों में खीरा खाकर व्रत खोलने की विशेष परंपरा है। -
September 14, 2026 4:51 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
हरतालिका तीज व्रत का पारण कब किया जाएगा
हरतालिका तीज व्रत का पारण अगले दिन यानी 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा। हरतालिका तीज का व्रत सूर्योदय के बाद पूजा-पाठ करने के बाद ही खोला जाता है।
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September 14, 2026 3:58 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
हरतालिका तीज व्रत कथा
मान्यताओं अनुसार एक बार भगवान शिव ने माता पार्वती को उनके पूर्व जन्म की याद दिलाने के लिए इस व्रत के माहात्म्य की कथा कही थी। उस कथा के अनुसार, पर्वतराज हिमालय के घर में एक सुंदर कन्या ने जन्म लिया, जिसका नाम उमा रखा गया। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण वह पार्वती कहलाई। कहते हैं बचपन से ही माता पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में प्राप्त करने का संकल्प ले लिया था। अपनी इसी मनोकामना की पूर्ति हेतु उन्होंने बाल्यकाल से ही भगवान शिव की आराधना शुरू कर दी थी। भगवान शिव को पाने के लिए माता पार्वती ने कई वर्षों तक कठिन तपस्या भी की।
देवी पार्वती की इस कठोर तपस्या को देख उनके पिता काफी चिंतित हो गए थे और इसके साथ ही उनके मन में अपनी पुत्री के विवाह का भी ख्याल आया। पर्वतराज हिमालय ये नहीं जानते थे कि देवी पार्वती ने पहले ही भगवान शिव को अपने पति के रूप में स्वीकार कर लिया है। एक दिन पर्वत राज के पास देवर्षि नारद पहुंचे और उन्होंने नारद जी का खूब आदर सत्कार किया। इसके बाद पर्वत राज ने देवर्षि नारद को बताया कि उन्हें अपनी पुत्री के विवाह की चिंता सता रही है। यह सुन नारद जी बोले, कि यदि आपको मेरी सम्मति स्वीकार हो तो आपकी पुत्री के लिए भगवान विष्णु योग्य वर हैं।
इस पर पर्वज राज खुशी से बोले कि यदि भगवान विष्णु मेरी कन्या को स्वीकार कर लेंगे तो यह मेरा सौभाग्य होगा। इसके बाद नारद जी बैकुंठ धाम चले गए और पर्वत राज ने पार्वती जी को यह समाचार दे दिया कि उनका विवाह भगवान विष्णु जी के साथ निश्चित हो गया है। पार्वती माता को जब ये बात पता चली तो वे अत्यंत निराश और दुखी हो गईं, क्योंकि उन्होंने तो मन ही मन में भगवान भोलेनाथ को अपने जीवनसाथी के रूप में स्वीकार कर लिया था। माता पार्वती ने यह बात अपनी सहेली को बताई। जिसके बाद उनकी सखी उन्हें एक घने जंगल में ले गईं। वहां एक गुफा भी थी।
माता पार्वती ने उस गुफा में रेत से शिवलिंग का निर्माण किया और वह घोर तपस्या में लीन हो गईं। जिस दिन माता पार्वती ने शिवलिंग की स्थापना की उस दिन भाद्रपद शुक्ल तृतीया थी और साथ ही उन्होंने उस दिन निर्जला व्रत भी रखा। आखिरकार भगवान शिव माता पार्वती की सच्ची निष्ठा और तप से प्रसन्न हुए और उन्होंने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। इसके बाद माता पार्वती ने व्रत का पारण किया।
वहीं दूसरी तरफ माता पार्वती के पिता पर्वत राज अपनी पुत्री को ढूंढते-ढूंढते गुफा तक आ पहुंचे। माता पार्वती ने अपने पिता को घर छोड़ने के पीछे का कारण बताया। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि भगवान शिव ने उनका वरण कर लिया है। इसके बाद पर्वत राज ने भगवान विष्णु से माफी मांगी और फिर उन्होंने अपनी पुत्री का विवाह भगवान शिव से करवाने का निर्णय लिया। अंततः भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ।
इस पौराणिक कथा के कारण ही, इस दिन को हरतालिका के रूप में जाना जाता है क्योंकि देवी पार्वती की सखी उन्हें घने वन में ले गयी थी, जिसे हिमालयराज ने अपनी पुत्री का अपहरण समझ लिया था। हरतालिका शब्द 'हरत' एवं 'आलिका' से मिलकर बना है जिसका अर्थ है अपहरण और 'महिला मित्र'।
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September 14, 2026 3:17 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
हरतालिका तीज पर जरूर पढ़ें गणेश जी की यह कथा
एक गांव में एक बूढ़ी अम्मा रहती थी, जो प्रतिदिन मिट्टी के गणेश बनाकर उनकी पूजा करती थी। लेकिन उसकी परेशानी ये थी कि कच्ची मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा रोज-रोज बनानी पड़ती थी क्योंकि मिट्टी की होने के कारण वो प्रतिमा अधिक समय तक के लिए टिक नहीं पाती थी। एक दिन उस बूढ़ी अम्मा के घर के पास एक सेठ का भव्य मकान बन रहा था। बुढ़िया मकान बनाने वाले मिस्त्री से जाकर बोली कि मेरे लिए पत्थर का गणेश बना देंगे। इस पर मिस्त्री ने कहा कि जितने में हम तेरा पत्थर का गणेश घड़ेंगे उतने में हम अपनी दीवार ना चिनेंगे।
फिर बुढ़िया बोली राम करे तुम्हारी दीवार टेढ़ी हो जाए। फिर क्या था इसके बाद से दीवार सीधी ही नहीं बनी। यही करते-करते मिस्त्रियों को शाम हो गई। शाम को जब सेठ आये तो उन्होंने कहा कि आज कुछ भी नहीं किया। तब एक मिस्त्री ने कहा कि एक बुढ़िया आई थी जो अपने लिए पत्थर की गणेश प्रतिमा बनवाना चाहती थी, हमने उसका ये काम नहीं किया फिर उसने कहा तुम्हारी दीवार टेढ़ी हो जाए। तब से दीवार सीधी ही नहीं बन रही है। यह सुन सेठ ने बुढ़िया को बुलवाया। सेठ ने कहा हम आपके लिए सोने का गणेश गढ़ देंगे। बस हमारी दीवार सीधी कर दो। सेठ ने अपना वादा निभाते हुए बुढ़िया के लिए सोने की गणेश प्रतिमा बनवा दी। जिसके बाद सेठ की दीवार सीधी हो गई। हे गणेश भगवान जैसे आपने सेठ की दीवार सीधी की वैसी ही सबकी करना।
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September 14, 2026 3:00 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hartalika Teej Pradosh Puja Muhurat 2026: हरतालिका तीज पूजा प्रदोष मुहूर्त
प्रदोष काल पूजा का मुहूर्त शाम 5 बजकर 54 मिनट पर प्रारंभ होगा और समाप्त रात 8 बजकर 22 मिनट पर होगा। व्रती महिलाएं इस मुहूर्त में हरतालिका तीज की पूजा कर सकती हैं।
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September 14, 2026 2:19 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hartalika Teej Mantra: हरतालिका तीज मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्!
करचरण कृतं वाक्कायजं कर्मजं वा ।
श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधं ।
विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व ।
जय जय करुणाब्धे श्रीमहादेव शम्भो ॥
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September 14, 2026 1:48 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hartalika Teej Live: हरतालिका तीज के दिन किसकी पूजा होती है?
हरतालिका तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है। इस दिन भक्त शिव-पार्वती की मूर्ति मिट्टी से बनाते हैं और फिर उसकी पूजा करते हैं।
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September 14, 2026 12:53 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Teej Song: फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना
- फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना
- फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना
- नित ध्यान धरु तेरा बिगड़ी को बना जाना
- तुझे अपना समझकर मै फरियाद सुनाता हु
- तेरे दर पर आकर मै नित धुनी रमाता हु
- क्यों भूल गये भगवन मुझे समझ के बेगाना
- फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना
- मेरी नाव भवर डोले तुम्ही तो खेवैया हो
- जग के रखवाले तुम तुम ही तो कन्हैया हो
- कर नंदी सवारी तुम भवपार लगा जाना
- फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना
- तुम बिन न कोई मेरा अब नाथ सहारा है
- इस जीवन को मैंने तुझ पर ही वारा है
- मर्जी है तेरी बाबा अच्छा नही तडपाना
- फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना
- नैनो में भरे आँसू क्यों तरस न खाते हो
- क्या दोष हुआ मुझसे मुझे क्यों ठुकराते हो
- अब मैहर करो बाबा सुन के मेरा अफसाना
- फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना
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September 14, 2026 12:46 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hartalika Teej 2026: सांसों की माला पे सिमरु में शिव का नाम
- सांसों की माला पे सिमरु में शिव का नाम
- सांसों की माला पे
- सिमरु में शिव का नाम
- अब तो दुनियादारी से है
- मेरा क्या काम
- शिव के रंग में ऐसी डूबा
- बन गया एक ही रूप
- शिव की माला जपते जपते
- हो गयी सुबह श्याम
- सांसों की माला पे…
- शिवजी मेरे दिल में बसे है
- संग रहे दिन रात
- अपने मन की मै जानू
- सब के मन की राम
- सांसो की माला पे
- शिवजी मेरे अंतरयामी
- शिवजी मेरे स्वामी
- शिवजी के चरणों में अर्पण
- ये जीवन तमाम
- सांसों की माला पे…
- प्रेम पियाला जबसे पिया है
- जी का है ये हाल
- अंगारों पे नींद आ जाए
- और कांटो पे आराम
- सांसो की माला पे…
- सांसो की माला पे
- सिमरु मै शिव का नाम
- अब तो दुनियादारी से है
- मेरा क्या काम
- सांसों की माला पे
- सिमरु मै शिव का नाम
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September 14, 2026 12:21 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
हरतालिका तीज पर भगवान को क्या भोग लगाएं?
हरतालिका तीज पर भगवान को सुजी या आटे का हलवा, मालपुआ, खीर, और मौसमी फलों का भोग लगाना चाहिए। इसके साथ ही भीगे हुए चने और ककड़ी का भोग भी बहुत शुभ माना जाता है।
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September 14, 2026 12:00 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
हरतालिका तीज व्रत का पारण कब किया जाएगा?
हरतालिका तीज व्रत का पारण अगले दिन सुबह सूर्योदय के बाद किया जाता है। पारण से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद शिव-पार्वती की विधि विधान पूजा करके अपना व्रत खोल लें।
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September 14, 2026 11:30 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Teej Geet: सांसों की माला पे सिमरु में शिव का नाम
- सांसों की माला पे सिमरु में शिव का नाम
- सांसों की माला पे
- सिमरु में शिव का नाम
- अब तो दुनियादारी से है
- मेरा क्या काम
- शिव के रंग में ऐसी डूबा
- बन गया एक ही रूप
- शिव की माला जपते जपते
- हो गयी सुबह श्याम
- सांसों की माला पे…
- शिवजी मेरे दिल में बसे है
- संग रहे दिन रात
- अपने मन की मै जानू
- सब के मन की राम
- सांसो की माला पे
- शिवजी मेरे अंतरयामी
- शिवजी मेरे स्वामी
- शिवजी के चरणों में अर्पण
- ये जीवन तमाम
- सांसों की माला पे…
- प्रेम पियाला जबसे पिया है
- जी का है ये हाल
- अंगारों पे नींद आ जाए
- और कांटो पे आराम
- सांसो की माला पे…
- सांसो की माला पे
- सिमरु मै शिव का नाम
- अब तो दुनियादारी से है
- मेरा क्या काम
- सांसों की माला पे
- सिमरु मै शिव का नाम
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September 14, 2026 11:08 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hartalika Teej Mahatva: हरतालिका तीज महत्व
हरतालिका तीज के दिन मिट्टी या नदी की बालू से भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा बनाई जाती है और फिर विधिपूर्वक पूजा की जाती है। भगवान शिव को बेलपत्र, शमी पत्र, धतूरा, भांग, सफेद फूल, जनेऊ और भस्म अर्पित किया जाता है। वहीं माता पार्वती को 16 श्रृंगार की सामग्री (सिंदूर, चूड़ियां, मेहंदी, आलता, चुनरी आदि) चीजें चढ़ाया जाता है। हरतालिका तीज का व्रत करने से जहां विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्यवती और सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है। वहीं कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर की प्राप्ति होती है और शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।
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September 14, 2026 10:44 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज में क्या-क्या चढ़ाया जाता है?
हरतालिका तीज की पूजा में भगवान को फल, फूल, मिठाई, शमी पत्र, बेलपत्र, धतूरा, 16 श्रृंगार की वस्तुएं (जैसे काजल, कुमकुम, मेहंदी, बिंदी, सिंदूर, चूड़ियां, लाल चुनरी) और सुहाग की सामग्री चढ़ाई जाती है।
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September 14, 2026 9:43 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
शिव जी की आरती लिरिक्स
जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव॥
एकानन चतुरानन पंचानन राजे।
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥ ॐ जय शिव॥दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे॥ ॐ जय शिव॥अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी।
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी॥ ॐ जय शिव॥श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥ ॐ जय शिव॥कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता॥ ॐ जय शिव॥ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका॥ ॐ जय शिव॥काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी॥ ॐ जय शिव॥त्रिगुण शिवजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय शिव॥ -
September 14, 2026 9:00 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज की रात किन मंत्रों का जप करना शुभ
हरतालिका तीज का पर्व माता पार्वती और भगवान शिव को समर्पित है इसलिए रात्रि के समय आपको इन दोनों ही के मंत्रों का जप करना चाहिए। ॐ नमः शिवाय" और "ॐ पार्वत्यै नमः का यथासंभव जप करने से शुभ फलों की आपको प्राप्ति होती है।
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September 14, 2026 8:36 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
सात सखीअन...तीज गीत
- सात सखीअन मिली तीज पूजे चलली है,
- सोने के चबुतरा बनावले गे माई|
- सेही रे चबुतरा चढी बैठेलन तीज माता
- संगवा में भोले बाबा साथ गे माई ।
- काहे लागी अजी माता मुखवा मलिन भइले,
- काहे लागी छोड़ल नगरिया गे माई ।
- नहीयों में अजी सबरे मुखवा मलिन भइले ,
- नहीं हम छोड़ली नगरिया गे माई।
- दिनरात घुमइत रहली भक्त के देखइत रहली,
- दुखवा हम हरइत रहली, सुखवा हम देइत रहली ।
- देइत देइत अइली एही नगरिया गे माई ।
- तोहरों के देवो सांवरो सिर के सेन्दुरवा जी
- चमकत दुनियो इंजोर गे माई |
- स्वामी के देवो को संवरो रोजी रोजगरवा
- जी बालका के देवो सुमति बुद्धिया गे माई |
- तोहरो के देवो सांवरो कंचन देहिया जी
- होइहे न मुखवा मलिन गे माई |
- युग युग जिओ सांवरो गोदी के बलकवा जी
- जनम युग बदय अहियात गे माई।
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September 14, 2026 8:02 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hartalika Teej 2026: क्या हरतालिका तीज व्रत में कुछ खा सकते हैं?
जी नहीं, हरतालिका तीज व्रत में कुछ भी नहीं खाया जाता और न ही इस व्रत में पानी पिया जाता है। हालांकि गर्भवती महिलाएं या अस्वस्थ महिलाओं को इस नियम में छूट दी गई हैं।
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September 14, 2026 7:43 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
हरतालिका तीज के गीत (Hatalika Teej Ke Geet)
- तीज माता गौरी माता मेरे घर आइए माता
- भोले बाबा गणपत पुत्र साथ लाइए,
- माता विनती करव दोनो कर जोड़ी के।
- माता पहला अरज मेरी सुन लिजिए
- माता मांगों का टीका अमर किजिए ,
- माता मांगो का सिन्दूर अमर किजिए ,
- माता विनती करव दोनो कर जोड़ी के।
- माता दूसरा अरज मेरी सूने लिजिए,
- माता लिलरा के बिन्दीया अमर किजिए,
- माता विनती करव दोनो कर जोड़ी के |
- माता तीसरा अरज मेरी सुन लिजिए,
- माता हांथो का कंगन अमर कीजिए,
- माता हाथों का चुड़िया अमर किजिए,
- माता विनती करव दोनो कर जोड़ी के।
- माता चौथा अरज मेरी सुन लीजिए,
- माता पैरों का पायल अमर किजिए,
- माता पैरों का विछुआ अमर किजिए,
- माता विनंती करव दोनों कर जोड़ी के |
- माता पाचवा, अरज मेरी सुन लिजिए
- माता जीवन साथी अमर किजिए,
- माता गोदी का बालक अमर किजिए,
- माता विनती करव दोनो कर जोड़ी के
- माता छठा अरज मेरी लिजिए माता नईहर ससुर,
- अमर कजिए माता विनती करव दोनो कर जोड़ी के।
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September 14, 2026 7:21 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
हरतालिका तीज आरती
जय पार्वती माता जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
जय पार्वती माता...
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा।
जय पार्वती माता...सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
जय पार्वती माता...
शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा।
जय पार्वती माता...सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।
जय पार्वती माता...
देवन अरज करत हम चित को लाता
गावत दे दे ताली मन में रंगराता।
जय पार्वती माता...श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।
जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता। -
September 14, 2026 6:45 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Hartalika Teej 2026 Live: आज हरतालिका तीज की पूजा का मुहूर्त क्या रहेगा
हरतालिका तीज पर प्रदोष काल पूजा का मुहूर्त शाम 5:54 बजे से रात 8:22 बजे तक रहेगा। ज्यादातर व्रती महिलाएं इसी मुहूर्त में पूजा करके हरतालिका तीज की कथा सुनती हैं।
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September 14, 2026 12:12 AM (IST) Posted by Vineeta Mandal
हरतालिका तीज व्रत का महत्व
हरतालिका तीज के दिन मिट्टी या नदी की बालू से भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा बनाई जाती है और फिर विधिपूर्वक पूजा की जाती है। भगवान शिव को बेलपत्र, शमी पत्र, धतूरा, भांग, सफेद फूल, जनेऊ और भस्म अर्पित किया जाता है। वहीं माता पार्वती को 16 श्रृंगार की सामग्री (सिंदूर, चूड़ियां, मेहंदी, आलता, चुनरी आदि) चीजें चढ़ाया जाता है। हरतालिका तीज का व्रत करने से जहां विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्यवती और सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है। वहीं कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर की प्राप्ति होती है और शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।
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September 14, 2026 12:12 AM (IST) Posted by Vineeta Mandal
हरतालिका तीज व्रत का महत्व
हरतालिका तीज के दिन मिट्टी या नदी की बालू से भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा बनाई जाती है और फिर विधिपूर्वक पूजा की जाती है। भगवान शिव को बेलपत्र, शमी पत्र, धतूरा, भांग, सफेद फूल, जनेऊ और भस्म अर्पित किया जाता है। वहीं माता पार्वती को 16 श्रृंगार की सामग्री (सिंदूर, चूड़ियां, मेहंदी, आलता, चुनरी आदि) चीजें चढ़ाया जाता है। हरतालिका तीज का व्रत करने से जहां विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्यवती और सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है। वहीं कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर की प्राप्ति होती है और शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।
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September 13, 2026 11:55 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
॥ श्री पार्वती माता की आरती ॥
जय पार्वती माताजय पार्वती माता।
ब्रह्म सनातन देवीशुभ फल की दाता॥
जय पार्वती माता
अरिकुल पद्म विनाशिनिजय सेवक त्राता।
जग जीवन जगदम्बा,हरिहर गुण गाता॥
जय पार्वती माता
सिंह को वाहन साजे,कुण्डल हैं साथा।
देव वधू जस गावत,नृत्य करत ताथा॥
जय पार्वती माता
सतयुग रूपशील अतिसुन्दर,नाम सती कहलाता।
हेमांचल घर जन्मी,सखियन संग राता॥
जय पार्वती माता
शुम्भ निशुम्भ विदारे,हेमांचल स्थाता।
सहस्र भुजा तनु धरि के,चक्र लियो हाथा॥
जय पार्वती माता
सृष्टि रूप तुही हैजननी शिवसंग रंगराता।
नन्दी भृंगी बीन लहीसारा जग मदमाता॥
जय पार्वती माता
देवन अरज करतहम चित को लाता।
गावत दे दे ताली,मन में रंगराता॥
जय पार्वती माता
श्री प्रताप आरती मैया की,जो कोई गाता।
सदासुखी नित रहतासुख सम्पत्ति पाता॥
जय पार्वती माता
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September 13, 2026 11:45 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
गणेश जी की आरती (Ganesh Ji Ki Aarti)
हरतालिका तीज की पूजा सबसे पहले गणेश जी की पूजा के साथ प्रारंभ होती है। गणपति जी की पूजा के बाद ही भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। तो हरतालिका तीज के दिन गणेश जी की पूजा और आरती जरूर करें।
गणेश जी की आरती (Ganesh Ji Ki Aarti)
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।।
जय गणेश जय गणेश…
एकदंत दयावंत चार भुजा धारी।
माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी।।
जय गणेश जय गणेश…
पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डू के भोग लगे संत करें सेवा।।
जय गणेश जय गणेश…
अंधे को आंख देत कोढिन को काया।
बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया।।
जय गणेश जय गणेश…
‘सूर’ श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।।
जय गणेश जय गणेश…
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September 13, 2026 11:37 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
क्या हरतालिका तीज की पूजा पर पड़ेगा भद्रा का प्रभाव
ज्योतिषों के अनुसार, हरतालिका तीज की पूजा पर भद्रा का कोई प्रभाव नहीं पडे़गा। दरअसल यह भद्रा पृथ्वी लोक पर नहीं होगी इसलिए इसका पूजा पर कोई असर नहीं होगा। हरतालिका तीज की पूजा के लिए शाम में सबसे उत्तम मुहूर्त प्रदोष काल का रहता है। बता दें कि जब भद्रा पाताल लोक या स्वर्ग लोक में होती है तो उसका दुष्प्रभाव पृथ्वी लोक पर रहने वाले मनुष्यों पर नहीं पड़ता है।
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September 13, 2026 11:05 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
हरतालिका तीज 2026 पर रहेगा भद्रा का साया
पंचांग के अनुसार, 14 सितंबर को भद्रा काल शाम 7 बजकर 20 मिनट पर आरंभ होगा। भद्रा का समाप्त 15 सितंबर को सुबह 6 बजकर 6 मिनट पर होगा।
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September 13, 2026 10:12 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
यदि गलती से व्रत टूट जाए तो क्या करें?
अनजाने में व्रत टूटने पर भगवान शिव से क्षमा याचना करें शिवलिंग पर गंगाजल छिड़कें और दान करें।
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September 13, 2026 9:13 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
हरतालिका व्रत नियम
हरतालिका तीज का व्रत पूरी तरह से निर्जला रखा जाता है। सूर्योदय से लेकर अगले दिन के पारण तक जल-अन्न ग्रहण न करें।
हरतालिका तीज व्रत के दिन सुहागिन महिलाएं पूरे 16 श्रृंगार करें।
हरतालिका तीज के दिन काले या गहरे नीले रंग के कपड़े न पहनें।
हरतालिका तीज के अगले दिन सुबह विधिवत पूजा, दान-दक्षिणा और बुजुर्गों का आशीर्वाद लेने के बाद ही जल ग्रहण कर व्रत का पारण करें।
हरतालिका तीज के दिन हाथों से बनी मिट्टी या रेत की शिव-पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा की पूजा करें। -
September 13, 2026 8:25 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
क्या अविवाहित कन्याएं यह व्रत रख सकती हैं?
हां मनचाहा और योग्य वर पाने के लिए अविवाहित कन्याएं भी हरतालिका तीज का निर्जला व्रत रख सकती हैं।
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September 13, 2026 7:54 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
क्या हरतालिका तीज में पानी पी सकते हैं?
नहीं यह व्रत पूरी तरह निर्जला रखा जाता है। इस दिन अन्न के साथ जल पीने की भी मनाही होती है।
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September 13, 2026 6:49 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
हरतालिका तीज 2026 प्रदोष काल पूजा शुभ मुहूर्त
प्रदोष काल को हरतालिका तीज की पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। हरतालिका तीज पर प्रदोष काल पूजा का मुहूर्त शाम 5:54 बजे से रात 8:22 बजे तक रहेगा।
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September 13, 2026 5:50 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
हरतालिका तीज 2026 पर चौघड़िया मुहूर्त
अमृत चौघड़िया- सुबह 6 बजकर 5 मिनट से लेकर 7 बजकर 38 मिनट तक
शुभ चौघड़िया- सुबह 9 बजकर 11 मिनट से लेकर 10 बजकर 44 मिनट तक
लाभ चौघड़िया- दोपहर के 3 बजकर 22 मिनट से लेकर 4 बजकर 55 मिनट तक
अमृत चौघड़िया- शाम को 4 बजकर 55 मिनट से लेकर 6 बजकर 28 मिनट तक -
September 13, 2026 4:55 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
हरितालिका पूजा मुहूर्त 2026
- प्रातःकाल हरितालिका पूजा मुहूर्त - 06:26 ए एम से 07:06 ए एम
- ब्रह्म मुहूर्त 04:52 ए एम से 05:39 ए एम
- प्रातः संध्या 05:16 ए एम से 06:26 ए एम
- अभिजित मुहूर्त- 12:09 पी एम से 12:58 पी एम
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September 13, 2026 4:25 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal
हरतालिका तीज पूजन सामग्री लिस्ट
बालू या मिट्टी से बनी शिव, पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमाएं
सुहाग सामग्री (लाल चुनरी, बिंदी, चूड़ियां, आलता, मेहंदी, सिंदूर, कुमकुम, काजल, कंघी, बिछिया, पायल और अन्य श्रृंगार वस्तुएं)
रोली
चावल
कपूर
रुई
माचिस
मौली
हल्दी
चंदन
घी का दीपक
अगरबत्ती या धूपबत्ती
फल और मिठाइयां
खीर और हलवा
भिगोए हुए चने
पूजा के लिए कलश
जल और गंगाजल
पंचामृत बनाने के लिए दूध, दही, शहद, शक्कर और घी
1 नारियल
दूर्वा घास
बेलपत्र
शमी पत्र
कच्ची हल्दी की गांठें
गेहूं या चावल
एक चौकी या आसन
मंडप बनाने के लिए केले के पत्ते
फूलों की माला और फूल
पान के पत्ते और सुपारी
कच्चा सूत