1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Holika Dahan 2025 Muhurat: होलिका दहन आज, बस इतनी देर तक रहेगा शुभ मुहूर्त, जानें सही समय और नियम

Holika Dahan 2025 Muhurat: होलिका दहन आज, बस इतनी देर तक रहेगा शुभ मुहूर्त, जानें सही समय और नियम

Holika Dahan 2025: इस साल होलिका दहन के दिन भद्रा लगा हुआ है। ऐसे में होलिका दहन के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त रात में इतने बजे से आरंभ होगा। तो यहां जानिए होलिका दहन मुहूर्त और नियम के बारे में।

होलिका दहन - India TV Hindi
Image Source : META AI होलिका दहन

Holika Dahan 2025 Shubh Muhurat: आज होलिका दहन किया जाएगा। हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। आज लकड़ियों के ढेर के साथ ही गोबर के उपले या कंडे जलाने की भी प्रथा है। इस साल होलिका दहन पर भद्रा का साया है। ऐसे में होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त देर रात शुरू होगा। बता दें कि हिंदू धर्म में भद्राकाल को अशुभ समय माना गया है और इस दौरान कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है। तो आइए जानते हैं कि आज होलिका दहन के लिए कितना समय मिलेगा। 

होलिका दहन मुहूर्त 2025

पंचांग के अनुसार, होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त रात 11 बजकर 26 मिनट से मध्यारात्रि 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।। भद्रा पूंछ 13 मार्च को शाम 6 बजकर 57 मिनट से रात 8 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। वहीं भद्रा मुख रात 8 बजकर 14 मिनट से रात 10 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। बता दें कि  भद्रा पूंछ के दौरान होलिका दहन किया जा सकता है लेकिन भद्रा मुख में किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जाता। ऐसे में होलिका दहन के लिए 13 मार्च की रात 10 बजकर 22 मिनट के बाद का समय ही शुभ रहेगा। 

होलिका दहन नियम

  • होलिका की आग में गेहूं, चने की बालियां, जौ, गोबर के उपले आदि पूजा सामग्री डालें। 
  • होलिका दहन के बाद आग में जल और गुलाल जल चढ़ाएं। 
  • होलिका की अग्नि पवित्र होती है तो उसमें गंदे कपड़े, टायर आदि जैसी चीजें नहीं डालें।
  • होलिका की अग्नि में सूखी हुई गेहूं की बालियां और सूखे फूल भी नहीं डालना चाहिए।
  • होलिका दहन की आग में टूटे फूटे लकड़ी के सामान जैसे पलंग, सोफा, अलमारी का सामान नहीं डालना चाहिए। 
  • होलिका की आग में पानी वाला नारियल नहीं डाला जाता है। होलिका दहन में सूखा नारियल चढ़ाया जाता है। 
  • आज होलिका पूजा के बाद होली की परिक्रमा करनी चाहिए और होली में जौ या गेहूं की बाली, चना, मूंग, चावल, नारियल, गन्ना, बताशे आदि चीजें डालनी चाहिए।
  • होली की आग में जौ की बालियों को भूनकर प्रसाद के रूप में खाना और सबको बांटना चाहिए।
  • होलिका दहन के बाद सबको होली के रंगों से टीका भी लगाना चाहिए।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें-

होलिका दहन की राख से जरूर करें ये उपाय, बुरी नजर से मिलेगा छुटकारा, जीवन से दूर हो जाएगी सारी बाधाएं

होली के दिन इस समय से शुरू होगा चंद्रग्रहण, त्योहार की खुशी में न कर दें ये 5 गलतियां, हो जाएगा भारी नुकसान