इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। इस विवाहित महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं और शाम में चंद्रमा की पूजा के बाद अपना व्रत खोलती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ का व्रत करने से अखंड सौभाग्यवती और सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है। अगर आप भी पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने की सोच रही हैं तो इन नियमों को एक बार जरूर जान लें। दरअसल, यह साल कोई भी व्रत आरंभ करने के लिए शुभ नहीं है। तो आइए जानते हैं कि आखिर इसके पीछे का क्या कारण है।
इस साल इसलिए नहीं शुरू कर सकते हैं करवा चौथ व्रत
आपको बता दें कि इस साल अधिकमास यानी मलमास लगा था, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में मांगलिक कार्यों के लिए यह मास शुभ नहीं माना गया है। केवल पूजा-पाठ के लिए अधिक मास को उत्तम माना गया इसमें कोई शुभ कार्य आरंभ नहीं किए जाते हैं। ऐसे में यह साल कोई भी व्रत शुरू करने के लिए शुभ नहीं है। तो अगर आप करवा चौथ व्रत शुरू करने का सोच रही थी तो इस साल व्रत का आरंभ नहीं करें।
धार्मिक मान्यताओं है कि जिस साल अधिक मास लगता है उस वर्ष कोई भी नया व्रत नहीं उठाना चाहिए। ऐसे में जिन महिलाओं की नई-नई शादी हुई है और वे करवा चौथ का व्रत शुरू करना चाहती हैं वो इस साल व्रत न रखें। इस बार केवल करवा चौथ की पूजा-अर्चना करें। वहीं बता दें कि हर परिवार और समाज की अपनी अलग परंपराएं और रीति-रिवाज होते हैं। इसलिए कोई भी नया व्रत शुरू करने से पहले अपनी सास या घर के बुजुर्गों से सलाह अवश्य लें।
व्रत रखने की जगह करें ये काम
- जो महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखना चाहती हैं वे इस साल व्रत रखने की जगह पूजा-अर्चना में शामिल हो सकती हैं। इसके साथ ही करवा चौथ व्रत कथा को पढ़ और सुन सकती हैं। ऐसा करने से भी करवा माता प्रसन्न होती हैं और और उनका पूरा आशीर्वाद प्राप्त होता है। करवा चौथ की पूजा में शामिल होने पर भी विशेष लाभ मिल सकता है।
- जो महिलाएं व्रत नहीं रख सकती हैं वो सोलह श्रृंगार कर के माता करवा, भगवान शिव, मां पार्वती और गणेश-कार्तिकेय जी की पूजा पूरी श्रद्धा के साथ करें। ऐसा करने से भी अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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