Paush Purnima 2023: पौष का महीना चल रहा है और इस महीने को भगवान सूर्य का महीना माना जाता है। इस महीने में सूर्य की पूजा और सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा रही है। साथ ही माना जाता है कि इस दौरान सूर्य देव के घोड़े नदियों में आराम करने आते हैं और उन पर सूर्य देव की नजर रहती है। इसलिए इस दौरान नदी में स्नान करके जब हम सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं तो उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। पर पौष की पूर्णिमा खास होती है। क्यों जानते हैं।
क्यों खास होती है पौष की पूर्णिमा?
पौष की पूर्णिमा इसलिए खास होती है क्योंकि इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों का अद्भुत संयोग बनता है। इसे ऐसे समझें कि चंद्रमा पूर्णिमा तिथि का स्वामी है और पौष सूर्य का महीना। इन दोनों का मिलना जल तत्व और पृथ्वी तत्व को मजबूती देता है। इस तरह ये मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से शांति और स्थिरता लाता है।
पौष पूर्णिमा पर कैसे करें पूजा और स्नान?
पौष पूर्णिमा पर सबसे पहले तो सुबह उठ कर स्नान करें। अगर आप सक्षम हैं तो गंगा स्नान के लिए जाएं। अगर आप नहीं जा सकते तो सुबह सूर्य निकलने से पहले उठें और जा कर स्नान करें। फिर हाथ में जल लेकर या गंगा जल से भगवान सूर्य की अराधना करते हुए अर्घ्य दें। इस दौरान आप लाल फूल और सिंदूर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही सूर्यमंत्र का जाप करें जैसे-''ऊं आदित्य नम: मंत्र या ऊं घृणि सूर्याय नमः''। इसके बाद मंदिर जाएं और लोगों में कंबल और खाने की चीजों का दान करें।
Image Source : Paush PurnimaPaush Purnima
रात में करें चंद्रमा की पूजा
इसके बाद आपको रात्रि में चंद्रमा की पूजा करनी है और उन्हें दूध का अर्घ्य देना है। इस दौरान सफेद फूलों का आप इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके बाद आपको चंद्रमा की ओर देखते हुए उनसे मानसिक सुख और शांति की प्रार्थना करनी है। इस तरह पौष पूर्णिमा पर स्नान ध्यान करना आपको तन और मन से स्वस्थ रख सकता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। INDIA TV इसकी पुष्टि नहीं करता है।)