पवित्र सावन माह की शुरुआत हो चुकी है। अब भक्तों को सावन सोमवार का इंतजार है। इस दिन भोलेनाथ के भक्तगण उपवास रखकर विधि-विधान के साथ महादेव की उपासना करते हैं। इतना ही नहीं सावन सोमवार के दिन प्रसिद्ध शिव मंदिरों में जल चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं की भारी उमड़ती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार का व्रत करने से जहां कुंवारी कन्याओं के मनचारा वर मिलता है। वहीं विवाहित महिलाओं को सुख-समृद्धि और खुशहाल दांपत्य जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक सावन का महीना भगवान शिव को अति प्रिय है और जो भी भक्त इस माह में सच्चे मन से शिवजी की पूजा करता है उसको मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। तो अगर आप भी सावन सोमवार का व्रत करने वाले हैं तो पहल इन नियमों को जान लीजिए वरना आपकी पूजा अधूरी रह सकती है और आपको व्रत का भी पूर्ण नहीं मिलेगा। वहीं आपको बता दें कि उज्जैन में एक शिव मंदिर है जो केवल सावन माह में केवल एक दिन के लिए ही खुलता है।
सावन सोमवार व्रत में न करें ये गलतियां
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शिवलिंग पूजा- सावन सोमवार के दिन विधिपूर्वक शिवलिंग का जलाभिषेक करें। भोलेनाथ को बेलपत्र, भांग, धतूरा, और चंदन अर्पित करें। शिवलिंग पर भूलकर भी तुलसी, हल्दी और केतकी के फूल न चढ़ाएं।
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खंडित बेलपत्र अर्पित न करें- शिवजी को बेलपत्र अति प्रिय है लेकिन शिवलिंग पर खंडित या धारीदार बेलपत्र न चढ़ाएं।
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दिन में न सोएं- अगर आपने सावन सोमवार का व्रत रखा है तो दिन में सोने से बचें। इसके साथ ही प्रदोष काल यानी शाम के समय भगवान शिव की पूजा करें।
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ब्रह्मचर्य का पालन- सावन सोमवार व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन का पालन करें और साथ ही सात्विक आचरण रखें।
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तामसिक चीजों से दूर रहें- सावन सोमवार के दिन तामसिक चीजों का सेवन न करें। नशीली चीजों से दूर रहें।
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दान करें- सावन सोमवार के दिन अपनी क्षमतानुसार गरीब और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें।
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काले कपड़े न पहनें- सावन सोमवार के दिन काले रंग के कपड़े न पहनें। इस दिन हरा, पीला, लाल, सफेद या केसरियां रंग के कपड़े पहनना शुभ माना गया है।
सावन सोमवार व्रत की तिथिया 2026
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पहला सावन सोमवार - 3 अगस्त 2026
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दूसरा सावन सोमवार - 10 अगस्त 2026
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तीसरा सावन सोमवार - 17 अगस्त 2026
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चौथा सावन सोमवार - 24 अगस्त 2026
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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