सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस माह में आने वाले सभी सोमवार का भी विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के सोमवार के दिन व्रत रखकर भोलेनाथ की पूजा करने से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है। इसके साथ ही आर्थिक तंगी, मानसिक परेशानी और करियर में आ रही सभी तरह की बाधाएं भी दूर हो जाती हैं। वहीं सावन सोमवार का व्रत करने से कुंवारी कन्याओं को मनचाहा जीवनसाथी और सुखी दांपत्य जीवन का भी आशीर्वाद मिलता है।
इस बार सावन के दूसरे सोमवार पर प्रदोष व्रत का भी शुभ संयोग बन रहा है। ऐसे में इस दिन श्री शिव रुद्राष्टकम का पाठ कर अत्यंत फलदायी होगा। रुद्राष्टकम का पाठ करने से करियर में सफलता और व्यापार में मुनाफा मिलता है। इसके साथ ही अन्य शुभ फलों की भी प्राप्ति होती है।
शिव रुद्राष्टकम पाठ
नमामीशमीशाननिर्वाणरूपं विभुंव्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पंनिरीहं चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम्॥1॥
निराकारमोङ्कारमूलं तुरीयंगिराज्ञानगोतीतमीशं गिरीशम्।
करालं महाकालकालं कृपालंगुणागारसंसारपारं नतोऽहम्॥2॥
तुषाराद्रिसङ्काशगौरं गभीरंमनोभूतकोटिप्रभाश्रीशरीरम्।
स्फुरन्मौलिकल्लोलिनी चारुगङ्गालसद्भालबालेन्दुकण्ठे भुजङ्गा॥3॥
चलत्कुण्डलं भ्रूसुनेत्रं विशालंप्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्।
मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं प्रियंशङ्करं सर्वनाथं भजामि॥4॥
प्रचण्डं प्रकृष्टं प्रगल्भंपरेशमखण्डमजं भानुकोटिप्रकाशम्।
त्रयःशूलनिर्मूलनं शूलपाणिंभजेऽहं भवानीपतिं भावगम्यम्॥5॥
कलातीतकल्याणकल्पान्तकारी सदासज्जनानन्ददाता पुरारी।
चिदानन्दसन्दोहमोहापहारी प्रसीदप्रसीद प्रभो मन्मथारी॥6॥
न यावद् उमानाथ पादारविन्दंभजन्तीह लोके परे वा नराणाम्।
न तावत्सुखं शान्तिसन्तापनाशंप्रसीद प्रभो सर्वभूताधिवासम्॥7॥
न जानामि योगं जपं नैव पूजांनतोऽहं सदा सर्वदा शम्भु तुभ्यम्।
जराजन्मदुःखौघतातप्यमानं प्रभोपाहि आपन्नमामीश शम्भो॥8॥
रुद्राष्टकमिदं प्रोक्तंविप्रेण हरतोषये।
ये पठन्ति नरा भक्त्यातेषां शम्भुः प्रसीदति॥9॥
॥ इति श्रीरुद्राष्टकं सम्पूर्णम् ॥
शिव रुद्राष्टकम पाठ करने के नियम
- सावन सोमवार के दिन सबसे पहले प्रात:काल उठकर स्नान आदि कर लें और साफ-सुथरे कपड़े पहन लें।
- सावन सोमवार के दिन संभव हो तो हरा, पीला, नारंगी या सफेद रंग के वस्त्र पहनें।
- भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर लें।
- शिवलिंग का जलाभिषेक करने के बाद रुद्राष्टकम का पाठ करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
- आसन पर बैठकर एकाग्र और शांत मन से शिव रुद्राष्टकम पाठ का पाठ करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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